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Mandi News: 100 हेक्टेयर में फैली वन संपदा को जलने से बचाया
Thu, 11 Apr 2024 07:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 11 Apr 2024 07:07 AM IST
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वन मंडल जोगिंद्रनगर में भड़की आग को काबू पाने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों के साथ जुटे स्थानीय
जोगिंद्रनगर (मंडी)। वन मंडल जोगिंद्रनगर की बहुमूल्य वन संपदा को आग से बचाने के लिए ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया है। फायर सीजन में अब तक चार बड़ी आग की घटनाओं में करीब 100 हेक्टेयर वन संपदा ग्रामीणों के सहयोग से जलने से बचाई गई। वन परिक्षेत्र जोगिंद्रनगर के द्राहल, स्यूरी और मां बंडेरी के जंगलों में अचानक आग लगने से करीब 40 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान भी पहुंचा है।
अगर ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने में सहयोग न किया होता तो कई जीव जंतु भी जलकर राख हो जाते। वन मंडलाधिकारी जोगिंद्रनगर कमल भारती ने बताया कि आग के लगने के कारणों की जानकारी आसपास के लोगों से जुटाई जा रही है और वन एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाने को लेकर वन विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा रहा है। फायर सीजन में जहां कुछ लोग अपने निजी हित के लिए जंगलों को आग के हवाले कर रहे हैं।
वहीं, काफी संख्या में ग्रामीण बहुमूल्य वन संपदा को आग से बचाने को लेकर भी वन मंडल की ढाल बने हैं। ऐसे कर्मवीरों को वन विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा। करीब 25 हजार हेक्टेयर वन संपदा को फायर सीजन में आग से बचाने के लिए 6 वन परिक्षेत्रों के रेंज ऑफिसरों के साथ स्वयं सहायता समूह, युवक मंडलों के अलावा फायर वाचरों का सहयोग भी लिया जा रहा है।
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अगर ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने में सहयोग न किया होता तो कई जीव जंतु भी जलकर राख हो जाते। वन मंडलाधिकारी जोगिंद्रनगर कमल भारती ने बताया कि आग के लगने के कारणों की जानकारी आसपास के लोगों से जुटाई जा रही है और वन एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाने को लेकर वन विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा रहा है। फायर सीजन में जहां कुछ लोग अपने निजी हित के लिए जंगलों को आग के हवाले कर रहे हैं।
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वहीं, काफी संख्या में ग्रामीण बहुमूल्य वन संपदा को आग से बचाने को लेकर भी वन मंडल की ढाल बने हैं। ऐसे कर्मवीरों को वन विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा। करीब 25 हजार हेक्टेयर वन संपदा को फायर सीजन में आग से बचाने के लिए 6 वन परिक्षेत्रों के रेंज ऑफिसरों के साथ स्वयं सहायता समूह, युवक मंडलों के अलावा फायर वाचरों का सहयोग भी लिया जा रहा है।
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