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फोरलेन प्रभावितों ने जलाए भवन खाली करने के नोटिस
मंडी।
Updated Tue, 05 Apr 2016 10:42 PM IST
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सुंदरनगर के पुंघ पर मंगलवार को फोरलेन प्रभावित प्रशासन की ओर से जारी नोटिस जलाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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सुंदरनगर (मंडी)। जन आंदोलन संगठन के बैनर तले सुंदरनगर के पुघ, थला, चामुखा, हराबाग, जड़ोल, डैहर, भंतरेहड़ और समलेहू तथा आसपास के क्षेत्र के फोरलेन प्रभावित परिवारों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर गया है।
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प्रभावितों ने प्रशासन द्वारा भवन खाली करने के जारी नोटिसों को भी सामूहिक तौर पर जला कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रभावित यादविंद्र पुरी, घनश्याम महाजन, वनीष कौशल, राजेश कुमार, धर्मी देवी, रुकमणी, मीरा, नारायण दास, ब्रेस्तु राम और जय राम ने बताया कि जिला और स्थानीय प्रशासन की तरफ से प्रभावितों के मकानों, दुकानों और होटलों आदि को दो दिन के अल्टीमेटम के बाद जबरदस्ती तोड़ने की चेतावनी के कारण उनमें आक्रोश फैला हुआ है।
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जिसके कारण उन्हें सड़क पर तंबू गाड़ कर धरना देने को विवश होना पड़ रहा है। बताया कि उन्होंने फोरलेन का निर्माण कार्य रोकने के कभी प्रयास नहीं किए और न ही इसमें बाधा पहुंचाना चाहते है लेकिन हमारी मांगों पर प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री और सरकार में बैठे लोगों को कई बार ज्ञापन पत्र भेज कर समस्याओं को उठाया है, परंतु इस पर क्या कार्रवाई हो रही है, उन्हें इससे कभी भी अवगत नहीं करवाया जा रहा है।
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आरोप लगाया है कि इस अति संवेदनशील मामले में हिमाचल सरकार की ओर से प्रशासन को उनके परिवारों को जबरदस्ती हटा कर संपत्तियों पर कब्जा लेने के आदेश जारी किए गए हैं। उनकी केवल एक ही मांग है कि नये भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा-24 लागू करके उनके मुआवजे का पुनर्निर्धारण किया जाए। सेक्शन 24 के अनुसार जिन प्रभावितों के पास भौतिक कब्जे हैं, उनको नए कानून के तहत मुआवजे दिए जाएं। जब तक प्रशासन, परियोजना निदेशक और भू-अर्जन अधिकारी उन्हें इस सेक्शन को प्रभावित लोगों पर लागू किए जाने का लिखित आश्वासन नहीं देंगे, उनका शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन जारी रहेगा।