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Mandi News: शाला शाहणू मेले में पहली बार होगा दो गढ़पतियों का देवमिलन
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नगवाईं (मंडी)। ज्वालापुर क्षेत्र के शाला में आयोजित होने वाला पारंपरिक शाला शाहणू मेला इस वर्ष एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा। पहली बार ब्लिंडीगढ़ के गढ़पति भगवान खबलाशी नारायण शाला शाहणू मेले में शिरकत करेंगे। यहां उतुंगगढ़ के गढ़पति देवता गणपति (चंडोही) के साथ उनका भव्य देवमिलन होगा। देव परंपरा के इस अनूठे आयोजन को लेकर क्षेत्र के देव समाज और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
देवता खबलाशी नारायण के कटवाल बेली राम नेगी और गुर नेत्र रावत ने बताया कि शाला शाहणू मेले में शामिल होने के लिए देवता को विधिवत निमंत्रण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देव परंपरा के इतिहास में यह पहला अवसर होगा, जब शाला शाहणू मेले के दौरान ब्लिंडीगढ़ के गढ़पति भगवान खबलाशी नारायण और उतुंगगढ़ के गढ़पति देवता गणपति (चंडोही) का आमने-सामने देवमिलन होगा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए ज्वालापुर क्षेत्र के अलावा दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को सुबह आठ बजे भगवान खबलाशी नारायण का रथ टकोली से ज्वालापुर के लिए प्रस्थान करेगा। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, देवलुओं और श्रद्धालुओं के साथ निकलने वाली भव्य देव यात्रा शाम करीब पांच बजे शाला शाहणू मेला स्थल पहुंचेगी। मेले के दौरान देवता दो दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, देव कारज और पारंपरिक आयोजनों में भाग लेंगे। इसके बाद 28 जुलाई को सुबह नौ बजे भगवान खबलाशी नारायण अपने समस्त देव काफिले के साथ टकोली के लिए प्रस्थान करेंगे।
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देवता खबलाशी नारायण के कटवाल बेली राम नेगी और गुर नेत्र रावत ने बताया कि शाला शाहणू मेले में शामिल होने के लिए देवता को विधिवत निमंत्रण प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि देव परंपरा के इतिहास में यह पहला अवसर होगा, जब शाला शाहणू मेले के दौरान ब्लिंडीगढ़ के गढ़पति भगवान खबलाशी नारायण और उतुंगगढ़ के गढ़पति देवता गणपति (चंडोही) का आमने-सामने देवमिलन होगा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए ज्वालापुर क्षेत्र के अलावा दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को सुबह आठ बजे भगवान खबलाशी नारायण का रथ टकोली से ज्वालापुर के लिए प्रस्थान करेगा। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, देवलुओं और श्रद्धालुओं के साथ निकलने वाली भव्य देव यात्रा शाम करीब पांच बजे शाला शाहणू मेला स्थल पहुंचेगी। मेले के दौरान देवता दो दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, देव कारज और पारंपरिक आयोजनों में भाग लेंगे। इसके बाद 28 जुलाई को सुबह नौ बजे भगवान खबलाशी नारायण अपने समस्त देव काफिले के साथ टकोली के लिए प्रस्थान करेंगे।
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