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एफएमजी इंटर्नशिप : अभ्यर्थियों को देना होगा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का एफिडेविट
Mon, 22 Jul 2024 05:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 22 Jul 2024 05:29 AM IST
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मंडी। एफएमजी यानी फोरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स को प्रदेश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इंटर्नशिप के लिए कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। एफएमजी को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का एफिडेविट और विदेश में मेडिकल स्नातक की पूरी फिजिकल ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र भी पेश करना होगा।
अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) नेरचौक ने मेरिट में शामिल सभी एमएमजी अभ्यर्थियों को साफ तौर पर कहा है कि तैनाती से पहले उनको दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इंटर्नशिप के लिए जिन अभ्यर्थियोंं को संस्थानों का आवंटन हो चुका है, उन्हें कुछ दस्तावेज मेडिकल यूनिवर्सिटी में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में दिखाने होंगे। इसके बाद ही उनको अंतिम अनुमति दी जाएगी।
एएमआरयू ने हाल ही में मेडिकल परीक्षा के पेपर लीक मामले के बाद यह प्रावधान किए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न हो। बता दें कि एफएमजी के लिए यूक्रेन, जाॅर्जिया, क्रेजीस्तान, चीन और फिलिपिंस के अधिकतर अभ्यर्थी हैं। उधर, एएमआरयू नेरचौक के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में बहुत से देशों से छात्र-छात्राएं आधी अधूरी पढ़ाई छोड़कर आए थे।
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इस दौरान बहुत से छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई को ऑनलाइन ही पूरा किया था। ऐसे में पढ़ाई पूरी हुई या नहीं इसपर बहुत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। इसलिए इन विद्यार्थियों को पूरी फिजिकल पढ़ाई, जिस संस्थान से की है वहां से इसका प्रमाणपत्र लेकर दिखाना होगा।
फिजिकल पढ़ाई का पत्र नहीं तो दो साल होगी इंटर्नशिप
एएसआरयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि अगर कोई एफएमजी अपनी पूरी पढ़ाई का प्रमाण पत्र देता है तो उसकी इंटर्नशिप मात्र एक साल की होगी। अगर नहीं देता है तो उसको दो साल तक इंटर्नशिप करनी पडेगी। इसके अलावा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से भी प्रमाण पत्र लाना भी अति आवश्यक होगा।
23 और 24 जुलाई को होगा दस्तावेजों का सत्यापन
जिन भी अभ्यर्थियों ने अभी तक अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, उनको 23 और 24 जुलाई को एएमआरयू नेरचौक में आकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में प्रमाण पत्र दिखाने होंगे। जहां प्रमाणपत्रों का पूरी गंभीरता के साथ निरीक्षण किया जाएगा, ताकि कोई भी गड़बड़ी की आशंका न हो।
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अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एएमआरयू) नेरचौक ने मेरिट में शामिल सभी एमएमजी अभ्यर्थियों को साफ तौर पर कहा है कि तैनाती से पहले उनको दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इंटर्नशिप के लिए जिन अभ्यर्थियोंं को संस्थानों का आवंटन हो चुका है, उन्हें कुछ दस्तावेज मेडिकल यूनिवर्सिटी में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में दिखाने होंगे। इसके बाद ही उनको अंतिम अनुमति दी जाएगी।
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एएमआरयू ने हाल ही में मेडिकल परीक्षा के पेपर लीक मामले के बाद यह प्रावधान किए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न हो। बता दें कि एफएमजी के लिए यूक्रेन, जाॅर्जिया, क्रेजीस्तान, चीन और फिलिपिंस के अधिकतर अभ्यर्थी हैं। उधर, एएमआरयू नेरचौक के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में बहुत से देशों से छात्र-छात्राएं आधी अधूरी पढ़ाई छोड़कर आए थे।
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इस दौरान बहुत से छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई को ऑनलाइन ही पूरा किया था। ऐसे में पढ़ाई पूरी हुई या नहीं इसपर बहुत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। इसलिए इन विद्यार्थियों को पूरी फिजिकल पढ़ाई, जिस संस्थान से की है वहां से इसका प्रमाणपत्र लेकर दिखाना होगा।
फिजिकल पढ़ाई का पत्र नहीं तो दो साल होगी इंटर्नशिप
एएसआरयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि अगर कोई एफएमजी अपनी पूरी पढ़ाई का प्रमाण पत्र देता है तो उसकी इंटर्नशिप मात्र एक साल की होगी। अगर नहीं देता है तो उसको दो साल तक इंटर्नशिप करनी पडेगी। इसके अलावा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से भी प्रमाण पत्र लाना भी अति आवश्यक होगा।
23 और 24 जुलाई को होगा दस्तावेजों का सत्यापन
जिन भी अभ्यर्थियों ने अभी तक अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, उनको 23 और 24 जुलाई को एएमआरयू नेरचौक में आकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में प्रमाण पत्र दिखाने होंगे। जहां प्रमाणपत्रों का पूरी गंभीरता के साथ निरीक्षण किया जाएगा, ताकि कोई भी गड़बड़ी की आशंका न हो।