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Mandi News: आफत बनी मानसून की पहली बारिश, पंडोह डैम और चार मील में धंसने लगा एनएच
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चंडीगढ़ मनाली एनएच पर पंडोह डैम के पास आई दरारें। यहां डंगा धंसने से एनएच को खतरा पैदा हो गया ह
इसी साल 40 करोड़ रुपये से लगाया गया है डंगा, डंगा पूरी तरह से धंसा तो एनएच हो सकता है बंद
कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल, कैंची मोड़ पर भी जगह-जगह भूस्खलन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/पंडोह। मानसून की पहली ही भारी बारिश ने आफत पैदा कर दी है। करीब आठ महीने बाद बहाल हुए चंडीगढ़- मनाली नेशनल हाईवे पर एक बार फिर से खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। हाईवे पर पंडोह डैम के पास डंगा धंसने से यहां एनएच करीब एक फीट तक धंस गया है। वर्ष 2023 में भी बरसात के दौरान पंडोह डैम के पास कैंची मोड़ वाला हिस्सा पूरी तरह बह गया था। इसे बनाने के लिए यहां करीब 40 करोड़ रुपये खर्च कर डंगा बनाया गया है, लेकिन पहली ही बारिश से ही यह धंस गया है। इसके साथ चार मील में भी एनएच पर का डंगा धंस गया है। इससे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठना शुरू हो गए हैं।
डंगे धंसने से हाईवे पर जगह-जगह दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं, जो कि धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं। धंसी हुई जगह से यातायात बंद कर दिया गया है। यहां बोरियां और पत्थर रखकर चालकों को अलर्ट किया गया है। इसके अलावा कैंची मोड़ के पास ही एक लेन पर जगह-जगह भूस्खलन भी हुआ है। भूस्खलन की जद में खराब खड़ा ट्रक भी आ गया है। वर्तमान में कई जगह एकतरफा यातायात ही चल रहा है। इसके अलावा मंडी-पंडोह के बीच नौ मील में पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। इस कारण बुधवार दोपहर को करीब पौना घंटा यातायात ठप रहा। उधर, चार मील के पास भी डंगा धंसने से एनएच के खतरे की जद में आ गया है।
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बागी में अस्थायी रूप से बनाई सड़क बही
कटौला (मंडी)। बरसात की पहली भारी बारिश के चलते इलाका उतरशाल ग्राम पंचायत कटौला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन खतरे में आ गया है। भवन के आगे लगा हुआ डंगा धंस गया है। दूसरी तरफ मंडी से पराशर जाने के लिए बाग्गी में भारी बारिश के चलते सड़क मार्ग बिल्कुल खत्म हो चुका है। पिछली बरसात में यहां पर भारी नुकसान हुआ था। यहां एक पुल भी बह गया था। इसके बाद लोगों और लोक निर्माण विभाग की ओर से यहां पर अस्थायी सड़क मार्ग का निर्माण किया गया था, जो कि पहली ही भारी बारिश में बह गई। इससे अब वाहनों की आवाजाही रुक गई है। इसके अलावा ग्राम पंचायत कटौला के गांव अलगण में इंद्र सिंह के मकान के आगे लगाया हुआ डंगा गिर जाने से घर खतरे की जद में आ गया है।
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मलबे की चपेट में आईं दो बाइकें और कार
गोहर (मंडी)। सिराजघाटी की अनाहा पंचायत के अनाहा गांव में मूसलाधार बारिश से नाले में बाढ़ आ गई। पानी के साथ आए मलबे में दो बाइकें और एक कार दब गई। इन्हें ग्रामीणों की मदद से सुबह निकाल लिया गया है। हालांकि मलबे के बीच दबी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। पंचायत प्रधान अनाहा तारा चंद ने कहा कि बाढ़ से तीन घरों और एक गोशाला को भी नुकसान पहुंचा है। गोशाला को खाली करवा दिया गया है। नाले के साथ लगते कुछ अन्य घरों पर भी खतरा मंडराया है। लोग खुद ही मलबा हटाने में जुटे हैं। लोगों ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा एतराज जताया है। उनका आरोप है कि सड़क मार्ग की माली हालत है। जगह-जगह पर मलबा गिरा है। ऐसी सूरत में अगर विभाग के अधिकारी उनकी कतई नहीं सुनते हैं। इस कारण लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट ने बताया कि हलका पटवारी को नुकसान का जायजा लेने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। लोनिवि सहायक अभियंता बगस्याड़ को निर्देश दिए हैं कि सड़क मार्ग को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए।
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24 घंटे में यह हुआ नुकसान
जिलेभर में बीते 24 घंटे में 2.47 करोड़ रुपये का नुकसान विभिन्न विभागों को हुआ है। दो गोशाला ढह गई हैं। कुल 1.40 लाख रुपये नुकसान आंका गया है। लोनिवि सर्किल एक मंडी को 2.19 करोड़ रुपये व धर्मपुर को 26.10 लाख रुपये नुकसान हुआ है। जबकि बिजली बोर्ड कुल 13 हजार रुपये नुकसान भारी बारिश से हुआ है।
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7 जुलाई तक मंडी जिला में भारी वर्षा का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 7 जुलाई तक मंडी जिले के कई स्थानों पर भारी वर्षा, तेज हवाएं चलने की येलो चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के दृष्टिगत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी से प्राप्त सूचना के अनुसार 7 जुलाई तक सभी नागरिकों और पर्यटकों से नदी नालों, भूस्खलन वाले क्षेत्रों और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से परहेज करने एवं अपने घरों में सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है। आपदा की स्थिति में सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र के दूरभाष नंबर 1905-226201, 202, 203, 204 अथवा टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
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एनएन पर हुए नुकसान व यातायात को लेकर निरीक्षण किया गया है। फिलहाल की रिपोर्ट के अनुसार कैंची मोड़ के पास लंबा डंगा लगा हुआ है। ऑल ओवर स्ट्रक्चर ठीक है। डंगा धंसा जरूर है, लेकिन फिलहाल कोई खतरा नहीं आंका गया है। इसे दुरस्त किया जा रहा है। पंडोह डैम से होकर इमरजेंसी के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है।बीबीएमबी प्रबंधन को इस संबंध में अवगत करवा दिया है कि इस मार्ग की जरूरत पड़ सकती है।
-सागर चंद्र, एएसपी मंडी।
केवल एनएच की सतह पर ही दरारें पड़ी है। बाकी सब ठीक है। मौके पर टीम जुटी हुई है। सभी प्रकार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल, कैंची मोड़ पर भी जगह-जगह भूस्खलन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/पंडोह। मानसून की पहली ही भारी बारिश ने आफत पैदा कर दी है। करीब आठ महीने बाद बहाल हुए चंडीगढ़- मनाली नेशनल हाईवे पर एक बार फिर से खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। हाईवे पर पंडोह डैम के पास डंगा धंसने से यहां एनएच करीब एक फीट तक धंस गया है। वर्ष 2023 में भी बरसात के दौरान पंडोह डैम के पास कैंची मोड़ वाला हिस्सा पूरी तरह बह गया था। इसे बनाने के लिए यहां करीब 40 करोड़ रुपये खर्च कर डंगा बनाया गया है, लेकिन पहली ही बारिश से ही यह धंस गया है। इसके साथ चार मील में भी एनएच पर का डंगा धंस गया है। इससे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठना शुरू हो गए हैं।
डंगे धंसने से हाईवे पर जगह-जगह दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं, जो कि धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं। धंसी हुई जगह से यातायात बंद कर दिया गया है। यहां बोरियां और पत्थर रखकर चालकों को अलर्ट किया गया है। इसके अलावा कैंची मोड़ के पास ही एक लेन पर जगह-जगह भूस्खलन भी हुआ है। भूस्खलन की जद में खराब खड़ा ट्रक भी आ गया है। वर्तमान में कई जगह एकतरफा यातायात ही चल रहा है। इसके अलावा मंडी-पंडोह के बीच नौ मील में पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। इस कारण बुधवार दोपहर को करीब पौना घंटा यातायात ठप रहा। उधर, चार मील के पास भी डंगा धंसने से एनएच के खतरे की जद में आ गया है।
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बागी में अस्थायी रूप से बनाई सड़क बही
कटौला (मंडी)। बरसात की पहली भारी बारिश के चलते इलाका उतरशाल ग्राम पंचायत कटौला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन खतरे में आ गया है। भवन के आगे लगा हुआ डंगा धंस गया है। दूसरी तरफ मंडी से पराशर जाने के लिए बाग्गी में भारी बारिश के चलते सड़क मार्ग बिल्कुल खत्म हो चुका है। पिछली बरसात में यहां पर भारी नुकसान हुआ था। यहां एक पुल भी बह गया था। इसके बाद लोगों और लोक निर्माण विभाग की ओर से यहां पर अस्थायी सड़क मार्ग का निर्माण किया गया था, जो कि पहली ही भारी बारिश में बह गई। इससे अब वाहनों की आवाजाही रुक गई है। इसके अलावा ग्राम पंचायत कटौला के गांव अलगण में इंद्र सिंह के मकान के आगे लगाया हुआ डंगा गिर जाने से घर खतरे की जद में आ गया है।
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मलबे की चपेट में आईं दो बाइकें और कार
गोहर (मंडी)। सिराजघाटी की अनाहा पंचायत के अनाहा गांव में मूसलाधार बारिश से नाले में बाढ़ आ गई। पानी के साथ आए मलबे में दो बाइकें और एक कार दब गई। इन्हें ग्रामीणों की मदद से सुबह निकाल लिया गया है। हालांकि मलबे के बीच दबी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। पंचायत प्रधान अनाहा तारा चंद ने कहा कि बाढ़ से तीन घरों और एक गोशाला को भी नुकसान पहुंचा है। गोशाला को खाली करवा दिया गया है। नाले के साथ लगते कुछ अन्य घरों पर भी खतरा मंडराया है। लोग खुद ही मलबा हटाने में जुटे हैं। लोगों ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा एतराज जताया है। उनका आरोप है कि सड़क मार्ग की माली हालत है। जगह-जगह पर मलबा गिरा है। ऐसी सूरत में अगर विभाग के अधिकारी उनकी कतई नहीं सुनते हैं। इस कारण लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट ने बताया कि हलका पटवारी को नुकसान का जायजा लेने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। लोनिवि सहायक अभियंता बगस्याड़ को निर्देश दिए हैं कि सड़क मार्ग को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए।
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24 घंटे में यह हुआ नुकसान
जिलेभर में बीते 24 घंटे में 2.47 करोड़ रुपये का नुकसान विभिन्न विभागों को हुआ है। दो गोशाला ढह गई हैं। कुल 1.40 लाख रुपये नुकसान आंका गया है। लोनिवि सर्किल एक मंडी को 2.19 करोड़ रुपये व धर्मपुर को 26.10 लाख रुपये नुकसान हुआ है। जबकि बिजली बोर्ड कुल 13 हजार रुपये नुकसान भारी बारिश से हुआ है।
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7 जुलाई तक मंडी जिला में भारी वर्षा का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 7 जुलाई तक मंडी जिले के कई स्थानों पर भारी वर्षा, तेज हवाएं चलने की येलो चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के दृष्टिगत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी से प्राप्त सूचना के अनुसार 7 जुलाई तक सभी नागरिकों और पर्यटकों से नदी नालों, भूस्खलन वाले क्षेत्रों और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से परहेज करने एवं अपने घरों में सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है। आपदा की स्थिति में सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र के दूरभाष नंबर 1905-226201, 202, 203, 204 अथवा टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
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एनएन पर हुए नुकसान व यातायात को लेकर निरीक्षण किया गया है। फिलहाल की रिपोर्ट के अनुसार कैंची मोड़ के पास लंबा डंगा लगा हुआ है। ऑल ओवर स्ट्रक्चर ठीक है। डंगा धंसा जरूर है, लेकिन फिलहाल कोई खतरा नहीं आंका गया है। इसे दुरस्त किया जा रहा है। पंडोह डैम से होकर इमरजेंसी के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है।बीबीएमबी प्रबंधन को इस संबंध में अवगत करवा दिया है कि इस मार्ग की जरूरत पड़ सकती है।
-सागर चंद्र, एएसपी मंडी।
केवल एनएच की सतह पर ही दरारें पड़ी है। बाकी सब ठीक है। मौके पर टीम जुटी हुई है। सभी प्रकार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।-वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

चंडीगढ़ मनाली एनएच पर पंडोह डैम के पास आई दरारें। यहां डंगा धंसने से एनएच को खतरा पैदा हो गया ह

चंडीगढ़ मनाली एनएच पर पंडोह डैम के पास आई दरारें। यहां डंगा धंसने से एनएच को खतरा पैदा हो गया ह

चंडीगढ़ मनाली एनएच पर पंडोह डैम के पास आई दरारें। यहां डंगा धंसने से एनएच को खतरा पैदा हो गया ह

चंडीगढ़ मनाली एनएच पर पंडोह डैम के पास आई दरारें। यहां डंगा धंसने से एनएच को खतरा पैदा हो गया ह

चंडीगढ़ मनाली एनएच पर पंडोह डैम के पास आई दरारें। यहां डंगा धंसने से एनएच को खतरा पैदा हो गया ह