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वरैहला में आग लगने से दो मंजिला मकान राख, चार मवेशी जिंदा जले
मंडी
Updated Thu, 24 Nov 2016 10:09 PM IST
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आग
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करसोग (मंडी)। उपमंडल करसोग की दुर्गम पंचायत पोखी के गांव वरैहला में आग लगने से दो मंजिला घर, गौशाला और चार मवेशी जिंदा जल गए। आग से प्रभावित परिवार की दस लाख की संपत्ति स्वाह हो गई। गत आठ दिनों में उपमंडल करसोग में आग की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 16 नवंबर को भी जमनू गांव में अग्निकांड में छह मवेशी जिंदा जल गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
हालांकि, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जानकारी के मुताबिक आग की यह घटना बुधवार देर रात की है। घर की मालकिन सुमित्रा देवी रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गई थी। जब लौटी तो उसे अपने सपनों का आशियाना जला हुआ मिला। जले हुए आशियाने को देखकर वह बेहोश हो गई। आग लगने से सोना, नकदी और अन्य वस्तुओं समेत निचली मंजिल में बंधे दो गाय और दो बैल भी जिंदा जल गए। बुधवार को फोन के माध्यम से थाना करसोग में इस घटना की सूचना दी गई। प्रशासन की तरफ से स्थानीय पटवारी व कानूनगो व पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। इस आग की घटना में नुकसान का आकलन लगभग 10 लाख रुपये बताया जा रहा है। सुमित्रा देवी के पति का देहांत हो चुका है। उसकी दोनों बेटियों की शादी भी हो चुकी है। एक बेटा है वह अक्षम है। जिस कारण इतने बड़े हादसे से सुमित्रा देवी के लिए उभर पाना मुश्किल है।
फायर ब्रिगेड सुविधा न मिलने से आंखों के सामने जलते हैं आशियाने
करसोग क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा न मिलने से ग्रामीण आग की घटना पेश आने पर आंखों के सामने आशियाना जलते देखने को विवश होते हैं। सरकार की अनदेखी ग्रामीणों पर दशकों से भारी पड़ रही है। इसी माह आठ दिन पहले जमनू गांव में एक दो मंजिला मकान जल कर राख हो गया। यहां पर छह मवेशी जिंदा जल गए थे।
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इससे पहले भी कई बार आग लगने से करसोग क्षेत्र में लाखों की संपत्ति राख हो चुकी है। करसोग में घोषणा के बावजूद फायर पोस्ट नहीं खुल पाई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने करसोग में फायर पोस्ट खोलने की घोषणा की थी। फायर पोस्ट खुलने में हो रही देरी से क्षेत्र में आग लगने पर संपत्ति को बचाने का कोई रास्ता नहीं है। जिस कारण लोग आंखों के सामने आशियाने जलते देखने को विवश हैं। एसडीएम करसोग विवेक चौहान ने जल्द नुकसान की भरपाई की जाने की बात कही।
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हालांकि, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जानकारी के मुताबिक आग की यह घटना बुधवार देर रात की है। घर की मालकिन सुमित्रा देवी रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गई थी। जब लौटी तो उसे अपने सपनों का आशियाना जला हुआ मिला। जले हुए आशियाने को देखकर वह बेहोश हो गई। आग लगने से सोना, नकदी और अन्य वस्तुओं समेत निचली मंजिल में बंधे दो गाय और दो बैल भी जिंदा जल गए। बुधवार को फोन के माध्यम से थाना करसोग में इस घटना की सूचना दी गई। प्रशासन की तरफ से स्थानीय पटवारी व कानूनगो व पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। इस आग की घटना में नुकसान का आकलन लगभग 10 लाख रुपये बताया जा रहा है। सुमित्रा देवी के पति का देहांत हो चुका है। उसकी दोनों बेटियों की शादी भी हो चुकी है। एक बेटा है वह अक्षम है। जिस कारण इतने बड़े हादसे से सुमित्रा देवी के लिए उभर पाना मुश्किल है।
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फायर ब्रिगेड सुविधा न मिलने से आंखों के सामने जलते हैं आशियाने
करसोग क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा न मिलने से ग्रामीण आग की घटना पेश आने पर आंखों के सामने आशियाना जलते देखने को विवश होते हैं। सरकार की अनदेखी ग्रामीणों पर दशकों से भारी पड़ रही है। इसी माह आठ दिन पहले जमनू गांव में एक दो मंजिला मकान जल कर राख हो गया। यहां पर छह मवेशी जिंदा जल गए थे।
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इससे पहले भी कई बार आग लगने से करसोग क्षेत्र में लाखों की संपत्ति राख हो चुकी है। करसोग में घोषणा के बावजूद फायर पोस्ट नहीं खुल पाई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने करसोग में फायर पोस्ट खोलने की घोषणा की थी। फायर पोस्ट खुलने में हो रही देरी से क्षेत्र में आग लगने पर संपत्ति को बचाने का कोई रास्ता नहीं है। जिस कारण लोग आंखों के सामने आशियाने जलते देखने को विवश हैं। एसडीएम करसोग विवेक चौहान ने जल्द नुकसान की भरपाई की जाने की बात कही।