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जन्म लेते ही बच्चे के पैर और मां के अंगूठे का निशान लेना अनिवार्य
मंडी
Updated Tue, 25 Oct 2016 06:49 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
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मंडी। प्रदेश के सभी अस्पतालों में बच्चे के जन्म के तुरंत बाद बच्चे के पैर और मां के अंगूठे का निशान एक साथ लेना अनिवार्य होगा। केएनएच अस्पताल प्रबंधन की भारी चूक के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नवजात बच्चों की पहचान जन्म से पुख्ता करने के लिए काफी होम वर्क के बाद यह निर्णय लिया है। जन्म के तुरंत बाद अब नवजात बच्चे के पैर और मां के हाथ के अंगूठे का निशान कागज पर लिया जाएगा। इस बाबत स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारिओं को निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे अब केएनएच अस्पताल में सामने आई चूक दोहराने की संभावना कम हो जाएगी।
केएनएच मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में डिलीवरी रूम में बच्चे की पहचान पुख्ता करने के लिए होम वर्क शुरू कर दिया है। पूर्व में बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसके बाजू अथवा टांग में मां के नाम का टैग लगाया जाता था। इसके बाद बच्चे को मां के बेड के साथ लगे बेबी वार्मर ट्राली में डाला जाता था। यहां पर बच्चे के गले को साफ करने के साथ नाड़ी को बांधा जाता है। इसके चंद मिनटों के बाद ही बच्चे को मां के पेट पर रख दिया जाता था। वहीं, डिलीवरी रूम के बाहर खड़े परिजनों को बच्चे के लिंग और जन्म के समय की जानकारी डिलीवरी रूम स्टाफ द्वारा दी जाती थी। बच्चे की पहचान को और अधिक पुख्ता करने तथा रिकार्ड को अधिक मजबूत करने के लिए काफी होम वर्क के बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है।
कोट्.........
अब बच्चे के जन्म लेते ही बच्चे के पैर और मां के अंगूठे का निशान लिया जाएगा। इसका रिकार्ड अस्पताल प्रशासन रखेगा।
..डा. डीआर शर्मा मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी
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केएनएच मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में डिलीवरी रूम में बच्चे की पहचान पुख्ता करने के लिए होम वर्क शुरू कर दिया है। पूर्व में बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसके बाजू अथवा टांग में मां के नाम का टैग लगाया जाता था। इसके बाद बच्चे को मां के बेड के साथ लगे बेबी वार्मर ट्राली में डाला जाता था। यहां पर बच्चे के गले को साफ करने के साथ नाड़ी को बांधा जाता है। इसके चंद मिनटों के बाद ही बच्चे को मां के पेट पर रख दिया जाता था। वहीं, डिलीवरी रूम के बाहर खड़े परिजनों को बच्चे के लिंग और जन्म के समय की जानकारी डिलीवरी रूम स्टाफ द्वारा दी जाती थी। बच्चे की पहचान को और अधिक पुख्ता करने तथा रिकार्ड को अधिक मजबूत करने के लिए काफी होम वर्क के बाद विभाग ने यह निर्णय लिया है।
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कोट्.........
अब बच्चे के जन्म लेते ही बच्चे के पैर और मां के अंगूठे का निशान लिया जाएगा। इसका रिकार्ड अस्पताल प्रशासन रखेगा।
..डा. डीआर शर्मा मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी