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Mandi News: किसानों ने आपदा मुआवजे और सड़कों को लेकर बुलंद की आवाज
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हिमाचल किसान सभा ने एसडीएम बालीचौकी को सौंपा मांग पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। हिमाचल किसान सभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमंडल अधिकारी बालीचौकी से मुलाकात कर क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और आम जनता की ज्वलंत समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौंपा। किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा की अगुवाई में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने दूध के कम दाम, पशु चिकित्सा सेवाओं की बदहाली, बकाया आपदा मुआवजा और सड़कों की सुधार की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने दूध के न्यूनतम व अधिकतम मूल्य तय किए जाने के बावजूद बालीचौकी में पशुपालकों को निर्धारित न्यूनतम मूल्य नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही बेचे गए दूध का समय पर भुगतान न होने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मांग की है कि सभी दुग्ध सोसायटियों में एनालाइजर मशीनें लगाई जाएं ताकि दूध की गुणवत्ता के आधार पर सही दाम मिल सकें।
इसके अलावा कहा कि क्षेत्र में वेटरनरी फार्मासिस्ट के अधिकांश पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। कृत्रिम गर्भाधान के टीकों के अभाव और उचित रखरखाव न होने के कारण किसानों की लाखों रुपये की महंगी दुधारु गायें खराब हो रही हैं। इसके अलावा किसान सभा ने वर्ष 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदा में बेघर हुए व भूमि गंवा चुके प्रभावितों को अब तक मुआवजा न मिलने पर रोष जताया और तुरंत राहत राशि जारी करने की मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल ने 2025 की आपदा के बाद से लगातार बंद पड़ी मगरू नाला-भेखली सड़क को बहाल करने का आग्रह किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। हिमाचल किसान सभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमंडल अधिकारी बालीचौकी से मुलाकात कर क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और आम जनता की ज्वलंत समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सौंपा। किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा की अगुवाई में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने दूध के कम दाम, पशु चिकित्सा सेवाओं की बदहाली, बकाया आपदा मुआवजा और सड़कों की सुधार की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने दूध के न्यूनतम व अधिकतम मूल्य तय किए जाने के बावजूद बालीचौकी में पशुपालकों को निर्धारित न्यूनतम मूल्य नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही बेचे गए दूध का समय पर भुगतान न होने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मांग की है कि सभी दुग्ध सोसायटियों में एनालाइजर मशीनें लगाई जाएं ताकि दूध की गुणवत्ता के आधार पर सही दाम मिल सकें।
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इसके अलावा कहा कि क्षेत्र में वेटरनरी फार्मासिस्ट के अधिकांश पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। कृत्रिम गर्भाधान के टीकों के अभाव और उचित रखरखाव न होने के कारण किसानों की लाखों रुपये की महंगी दुधारु गायें खराब हो रही हैं। इसके अलावा किसान सभा ने वर्ष 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदा में बेघर हुए व भूमि गंवा चुके प्रभावितों को अब तक मुआवजा न मिलने पर रोष जताया और तुरंत राहत राशि जारी करने की मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल ने 2025 की आपदा के बाद से लगातार बंद पड़ी मगरू नाला-भेखली सड़क को बहाल करने का आग्रह किया।