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Mandi News: फोरलेन निर्माण के बाद भी नहीं हटे जर्जर भवन, ग्रामीणों में रोष

Mon, 13 Jul 2026 12:28 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 12:28 AM IST
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Even after the construction of the four-lane, dilapidated buildings have not been removed, causing anger among the villagers.
कई भवनों को आधा गिराकर ही छोड़ दिया
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आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। सुंदरनगर उपमंडल के कनैड और तरोट क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहीत जमीन पर बने जर्जर भवनों के ढांचे वर्षों बाद भी नहीं हटाए जाने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजा मिलने के बावजूद कई भवनों को आधा गिराकर ही छोड़ दिया गया है, जिससे आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। वहीं, सर्विस रोड पर आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों शशिकांत, चुनी लाल, संजय कुमार और नंद लाल सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि फोरलेन निर्माण के दौरान प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी को सौंपे शिकायत पत्र में बताया कि फोरलेन निर्माण के लिए खसरा नंबर 467 की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इस दौरान उनकी पुरानी दुकान और मकान का केवल आधा हिस्सा गिराया गया, जबकि शेष जर्जर ढांचा अभी तक नहीं हटाया गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने 15 मई और 14 सितंबर 2023 को भी संबंधित विभाग को आवेदन दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अधूरा छोड़ा गया ढांचा पुराने मकान के लिए खतरा बन चुका है। बरसात के दौरान मकान को लगातार नुकसान पहुंच रहा है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन से मांग की है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को निर्देश देकर जर्जर ढांचे को जल्द हटाया जाए। उधर, एनएचएआई के साइट प्रभारी अमित ठाकुर ने बताया कि कनैड और तरोट में जिन भवनों को आंशिक रूप से हटाया गया है, उनका मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि भवनों को पूरी तरह हटाने संबंधी निर्देश बिलासपुर स्थित भू-अधिग्रहण अधिकारी के स्तर से जारी होते हैं और आगे की कार्रवाई प्रशासन के माध्यम से की जाती है। वहीं, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने बताया कि तरोट निवासी की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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