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Mandi News: पर्यावरण सरंक्षण को समझा जिम्मेदारी, निर्वहन करने पर मिल रही खुशी

Mon, 16 Sep 2024 07:01 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Mon, 16 Sep 2024 07:01 PM IST
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Environment protection considered a responsibility, feeling happy after discharging it
मंडी शहर में पर्यावरण संरक्षण में भूमिका निभा रहे सिद्धार्थ और कृष्णा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। डिजिटल दौर में आजकल जहां लोग अपनों से ही दूर हो रहे हैं, उसी दौर में कुछ ऐसे विरले इंसान भी हैं जो पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। चाहे समाज उनके काम को नकारे या प्रशंसा करे, वे कहते हैं कि इसका उन पर कोई असर नहीं पड़ता। बात हो रही है पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाली भ्यूली की सेवानिवृत्त अधिकारी कृष्णा ठाकुर और नगर निगम मंडी के युवा कनिष्ठ अभियंता सिद्धार्थ शर्मा की।
नगर निगम मंडी में युवा कनिष्ठ अभियंता सिद्धार्थ 5 साल से छोटी काशी की पहाड़ियों कांगनीधार, ढांगसीधार, अपर भ्यूली समेत पानी के स्रोतों की सफाई में जुटे हैं। पैलेस कॉलोनी-2 वार्ड के बाड़ी गुमाणू के मट्ट गांव में स्वर्गीय खेम सिंह और माता करुणा शर्मा के घर जन्मे सिद्धार्थ बताते हैं कि पहाड़ियां हमारी पहचान हैं। कई लोग मनोरंजन के लिए यहां जाते हैं लेकिन खा-पीकर गंदगी फैलाकर वापस लौट आते हैं। पहाड़ियां सुंदर दिखे, इसके लिए वह अकेले भी सफाई के लिए पहुंच जाते हैं। पहले दोस्त कहते थे कि अब कनिष्ठ अभियंता लग गए हो तो सफाई कर्मी वाला काम छोड़ दो, लेकिन मेरा मानना था कि पर्यावरण से प्यार है तभी यहां पहुंचा हूं और आगे भी सेवा ऐसे ही जारी रहेगी। पर्यावरण से प्यार पर उन्हें गत वर्ष 15 अगस्त पर उपायुक्त ने सम्मानित भी किया था। सिद्धार्थ पहाड़ियों की सफाई के अलावा जंगलों में आग बुझाने, बेसहारा पशुओं की मदद को भी आगे रहते हैं।
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वहीं, जोगिंद्रनगर के मसौली गांव में जन्मी और वर्तमान में भ्यूली में रह रहीं डाक विभाग से सेवानिवृत्त कृष्णा ठाकुर अब तक 300 पौधे जोगिंद्रनगर, कटौला, बिलासपुर और मंडी में लगा चुकी हैं। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफाई और पर्यावरण के कार्य से प्रेरणा लेकर कृष्णा छोटी काशी की बगिया को संवारने में जुटी हैं। पौधे लगाने को लेकर उनमें इतना जूनन है कि वे दिहाड़ी पर भी पौधे लगा रही हैं। बकौल कृष्णा कहती हैं कि मुझे तब बहुत खुशी होती है जब लोग कहते हैं कि आपके लगाए आम व आंवले के पेड़ पर फल आ गए हैं। उनके जुनून को देख राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। भ्यूली में पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे के किनारे बंजर जमीन पर उनके उनके लगाए पीपल, बट, नीम, देवदार, चीड़, कटहल, हरड़, भेहड़ा, लुकाठ, अमरूद, आंवला, अनार समेत असंख्य किस्म के पौधे लहलहा रहे हैं। ये कई फीट उंचे हो गए हैं। उनके पति सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. देवेंद्र ठाकुर भी उनकी पूरी मदद करते हैं। इससे दोनों खुश हैं।
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