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लापता बच्चों को ढूंढने के लिए बनेगी प्रभावी कार्य योजना : गुरसिमर
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महिला थाने में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई की गई है स्थापित
देश में हर वर्ष 90 हजार बच्चे हो रहे गुम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले में लापता बच्चों को जल्द ढूंढने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई जा रही है। बच्चों से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए मंडी महिला थाने में एक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त जिले के सभी 15 थानों की मिशन वात्सल्य के तहत मैपिंग भी कर ली गई है। अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह बाल देखभाल और संरक्षण से जुड़ी बैठक में बोल रहे थे।
बैठक में बताया गया कि देश में हर वर्ष लगभग 90 हज़ार बच्चे गुम हो जाते हैं जिनमें 70 प्रतिशत के करीब लड़कियां होती हैं। ज्यादातर ये बच्चे मानव तस्करी का शिकार होते हैं। अपहरण किए या चुराए गए इन बच्चों के यौन शोषण, भीख मंगवाने, मानव अंग की अवैध बिक्री या नशीले पदार्थों की तस्करी इत्यादि में धकेलने की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। सभी राज्यों को इसे बड़ी सामाजिक समस्या बताते हुए इससे निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस बारे में जिला मंडी में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि बच्चों को इस दलदल में फंसने से बचाया जा सके।
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देश में हर वर्ष 90 हजार बच्चे हो रहे गुम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले में लापता बच्चों को जल्द ढूंढने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई जा रही है। बच्चों से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए मंडी महिला थाने में एक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त जिले के सभी 15 थानों की मिशन वात्सल्य के तहत मैपिंग भी कर ली गई है। अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह बाल देखभाल और संरक्षण से जुड़ी बैठक में बोल रहे थे।
बैठक में बताया गया कि देश में हर वर्ष लगभग 90 हज़ार बच्चे गुम हो जाते हैं जिनमें 70 प्रतिशत के करीब लड़कियां होती हैं। ज्यादातर ये बच्चे मानव तस्करी का शिकार होते हैं। अपहरण किए या चुराए गए इन बच्चों के यौन शोषण, भीख मंगवाने, मानव अंग की अवैध बिक्री या नशीले पदार्थों की तस्करी इत्यादि में धकेलने की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। सभी राज्यों को इसे बड़ी सामाजिक समस्या बताते हुए इससे निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस बारे में जिला मंडी में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि बच्चों को इस दलदल में फंसने से बचाया जा सके।
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