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Mandi News: बंद का असर, दो घंटे तक बाजारों में रहा सन्नाटा, 11ः00 बजे के बाद लौटी रौनक
Sun, 15 Sep 2024 07:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 15 Sep 2024 07:17 AM IST
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मंडी जिला के धर्मपुर में बंद दुकानें। संवाद
मंडी/जोगिंद्रनगर/धर्मपुर/नेरचौक। शिमला के संजौली और मंडी के जेल रोड में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण और प्रवासी लोगों के पंजीकरण के मुद्दे पर विवाद के कारण शनिवार को मंडी जिले में सुबह 9 से 11 बजे तक बाजार बंद रहे। इस दौरान लोगों को चाय, नाश्ता और अन्य आवश्यक चीजें खरीदने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
छोटी काशी मंडी में सुबह नौ से 11 बजे तक दुकानें बंद रहीं, हालांकि कुछ स्थानों पर इक्का-दुक्का दुकानें खुली थीं। सबसे अधिक दिक्कतें उन्हें हुई जो लोग खाने-पीने के लिए सिर्फ दुकानों और ढाबों पर निर्भर हैं। वहीं, कई किराए के कमरों में रहने वाले लोगों को सुबह के समय दुकानें बंद रहे से परेशान होना पड़ा। 11 बजे बाजार खुले तो रौनक लौट आई।
छोटी काशी मंडी के चौहाटा बाजार, गांधी चौक, मोती बाजार, समखेतर, भूतनाथ बाजार, चंद्र लोक, स्कूल बाजार, अस्पताल मार्ग, रामनगर, पड्डल सहित सभी बाजार बंद रहे। मंडी व्यापार मंडल के प्रधान राजेश महेंद्रू ने शुक्रवार शाम को सभी दुकानदारों और कारोबारियों को शनिवार सुबह अपनी दुकानें बंद रखने का आह्वान किया गया।
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इंदिरा मार्केट कारोबारी एसोसिएशन के प्रधान अशोक शर्मा के अलावा हरमीत सिंह, रामेश्वर, अजय, राजेंद्र कुमार सहित अन्य कारोबारियों ने कहा कि मंडी में मस्जिद मामले को लेकर उपजे विवाद और प्रवासी लोगों का थानों में पंजीकरण न होने पर बंद रखा गया। हालांकि इस दौरान लोगों को दो घंटे तक ही परेशानी झेलनी पड़ी। 11 बजे सभी दुकानों को खोल दिया गया।
उधर, जोगिंद्रनगर में भी शनिवार सुबह कारोबारियों ने आक्रोश रैली निकाल कर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सुबह 10 बजे पठानकोट चौक पर एकत्रित होकर शहर के लक्ष्मी बाजार, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन चौक, सनातन धर्म सभा सड़क से होकर लघु सचिवालय तक विरोध रैली निकाली। महात्मा अभिचल दास की अगुवाई में लोगों ने शहर के मुख्य चौराहों पर प्रदर्शन किया।
वहीं, धर्मपुर में व्यापारियों ने सुबह 9ः00 से 11 बजे तक अपनी दुकानें बंद रखी। बाजार बंद होने के कारण लोगों को दो घंटे तक जरूरी सामान खरीदने के लिए इंतजार करना पड़ा। इसके बाद व्यापारियों ने बैठक कर पुलिस और प्रशासन से आग्रह किया कि जो यहां बाहरी प्रदेशों से आकर लोग रह रहे हैं उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उधर, नेरचौक में भी दो घंटों तक पूरा बाजार बंद रहा। बाजार में 9ः00 से 11 बजे तक दो घंटों तक सन्नाटा पसरा रहा। बहुत से लोगों को ढाबे और चाय की दुकानों सहित मेडिकल स्टोर के आसपास दुकानदारों का इंतजार करते हुए देखा गया।
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छोटी काशी मंडी में सुबह नौ से 11 बजे तक दुकानें बंद रहीं, हालांकि कुछ स्थानों पर इक्का-दुक्का दुकानें खुली थीं। सबसे अधिक दिक्कतें उन्हें हुई जो लोग खाने-पीने के लिए सिर्फ दुकानों और ढाबों पर निर्भर हैं। वहीं, कई किराए के कमरों में रहने वाले लोगों को सुबह के समय दुकानें बंद रहे से परेशान होना पड़ा। 11 बजे बाजार खुले तो रौनक लौट आई।
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छोटी काशी मंडी के चौहाटा बाजार, गांधी चौक, मोती बाजार, समखेतर, भूतनाथ बाजार, चंद्र लोक, स्कूल बाजार, अस्पताल मार्ग, रामनगर, पड्डल सहित सभी बाजार बंद रहे। मंडी व्यापार मंडल के प्रधान राजेश महेंद्रू ने शुक्रवार शाम को सभी दुकानदारों और कारोबारियों को शनिवार सुबह अपनी दुकानें बंद रखने का आह्वान किया गया।
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इंदिरा मार्केट कारोबारी एसोसिएशन के प्रधान अशोक शर्मा के अलावा हरमीत सिंह, रामेश्वर, अजय, राजेंद्र कुमार सहित अन्य कारोबारियों ने कहा कि मंडी में मस्जिद मामले को लेकर उपजे विवाद और प्रवासी लोगों का थानों में पंजीकरण न होने पर बंद रखा गया। हालांकि इस दौरान लोगों को दो घंटे तक ही परेशानी झेलनी पड़ी। 11 बजे सभी दुकानों को खोल दिया गया।
उधर, जोगिंद्रनगर में भी शनिवार सुबह कारोबारियों ने आक्रोश रैली निकाल कर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सुबह 10 बजे पठानकोट चौक पर एकत्रित होकर शहर के लक्ष्मी बाजार, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन चौक, सनातन धर्म सभा सड़क से होकर लघु सचिवालय तक विरोध रैली निकाली। महात्मा अभिचल दास की अगुवाई में लोगों ने शहर के मुख्य चौराहों पर प्रदर्शन किया।
वहीं, धर्मपुर में व्यापारियों ने सुबह 9ः00 से 11 बजे तक अपनी दुकानें बंद रखी। बाजार बंद होने के कारण लोगों को दो घंटे तक जरूरी सामान खरीदने के लिए इंतजार करना पड़ा। इसके बाद व्यापारियों ने बैठक कर पुलिस और प्रशासन से आग्रह किया कि जो यहां बाहरी प्रदेशों से आकर लोग रह रहे हैं उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उधर, नेरचौक में भी दो घंटों तक पूरा बाजार बंद रहा। बाजार में 9ः00 से 11 बजे तक दो घंटों तक सन्नाटा पसरा रहा। बहुत से लोगों को ढाबे और चाय की दुकानों सहित मेडिकल स्टोर के आसपास दुकानदारों का इंतजार करते हुए देखा गया।

मंडी जिला के धर्मपुर में बंद दुकानें। संवाद