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युवाओं को बचाने के लिए खोलने होंगे नशा निवारण केंद्र : ओशीन
Wed, 10 Jul 2024 07:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 10 Jul 2024 07:32 AM IST
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नशे को खत्म करने के लिए संधोल में अयोजित सम्मेलन में भाग लेते लोग संवाद
संधोल (मंडी)। युवाओं में बढ़ते नशे की रोकथाम को लेकर मंगलवार को हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति, मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति और पालमपुर की गुंजन संस्था के सहयोग से धर्मपुर के संधोल में एक सम्मेलन आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय कोच भूपेंद्र भूप्पी ने की। सम्मेलन में तहसीलदार संधोल ओशीन शर्मा, गुंजन संस्था के निदेशक विजय कुमार और ज्ञान विज्ञान समिति से भूपेंद्र सिंह मुख्यातिथि रहे।
मंडी साक्षरता समिति की सचिव सुनीता बिष्ट ने नशा मुक्ति अभियान की जरूरत और इसके संचालन की रूपरेखा के बारे जानकारी दी। इस दौरान तहसीलदार ओशीन ने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है। युवाओं को इससे बचाने के लिए हर क्षेत्र में नशा निवारण केंद्र खोलने की जरूरत है। उन्होंने भारत में बढ़ रहे नशे को एक अंतरराष्ट्रीय साजिश भी करार दिया।
गुंजन संस्था के निदेशक विजय ने कहा कि वर्तमान में तीन तरह के युवा और बच्चे हैं। पहली श्रेणी के युवा जो नशे के दलदल में फंस गए हैं और सिंथेटिक नशे के आदि हैं। दूसरी श्रेणी में वे हैं जो कभी-कभी नशा करते हैं। तीसरी श्रेणी में वे युवा हैं जिन्होंने अभी तक नशा नहीं किया है। इसलिए हमें तीसरी श्रेणी के युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें नशे के मकड़जाल में फंसने से बचना है।
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पूनम को बनाया समिति का अध्यक्ष
सम्मेलन के दौरान नशा मुक्ति अभियान समिति का गठन किया गया। इसमें पूनम ठाकुर को अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा संजय कुमार, निशा भाटिया, नीलम भरमौरिया, शन्नो देवी, शिल्पा को उपाध्यक्ष, संजीव गुलेरिया सचिव, दिनेश, पंकज बरवाल, मितुल ठाकुर, अजय सकलानी, किरण देवी को सह सचिव, डीआर भरमौरिया को कोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं नशा मुक्ति सलाहकार मंडल में कर्नल खेम सिंह, रविंद्र मंढोतरा, मान सिंह, मोहन लाल, अर्जुन सिंह, डीआर भरमौरिया, रणधीर बरवाल, श्रवण कुमार, कुलदीप सिंह आदि का शामिल किया। जबकि अंतरराष्ट्रीय कोच भूपेंद्र भूप्पी, सुनीता, भूपेंद्र सिंह को स्थायी सदस्य बनाया गया।
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मंडी साक्षरता समिति की सचिव सुनीता बिष्ट ने नशा मुक्ति अभियान की जरूरत और इसके संचालन की रूपरेखा के बारे जानकारी दी। इस दौरान तहसीलदार ओशीन ने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है। युवाओं को इससे बचाने के लिए हर क्षेत्र में नशा निवारण केंद्र खोलने की जरूरत है। उन्होंने भारत में बढ़ रहे नशे को एक अंतरराष्ट्रीय साजिश भी करार दिया।
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गुंजन संस्था के निदेशक विजय ने कहा कि वर्तमान में तीन तरह के युवा और बच्चे हैं। पहली श्रेणी के युवा जो नशे के दलदल में फंस गए हैं और सिंथेटिक नशे के आदि हैं। दूसरी श्रेणी में वे हैं जो कभी-कभी नशा करते हैं। तीसरी श्रेणी में वे युवा हैं जिन्होंने अभी तक नशा नहीं किया है। इसलिए हमें तीसरी श्रेणी के युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें नशे के मकड़जाल में फंसने से बचना है।
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पूनम को बनाया समिति का अध्यक्ष
सम्मेलन के दौरान नशा मुक्ति अभियान समिति का गठन किया गया। इसमें पूनम ठाकुर को अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा संजय कुमार, निशा भाटिया, नीलम भरमौरिया, शन्नो देवी, शिल्पा को उपाध्यक्ष, संजीव गुलेरिया सचिव, दिनेश, पंकज बरवाल, मितुल ठाकुर, अजय सकलानी, किरण देवी को सह सचिव, डीआर भरमौरिया को कोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं नशा मुक्ति सलाहकार मंडल में कर्नल खेम सिंह, रविंद्र मंढोतरा, मान सिंह, मोहन लाल, अर्जुन सिंह, डीआर भरमौरिया, रणधीर बरवाल, श्रवण कुमार, कुलदीप सिंह आदि का शामिल किया। जबकि अंतरराष्ट्रीय कोच भूपेंद्र भूप्पी, सुनीता, भूपेंद्र सिंह को स्थायी सदस्य बनाया गया।

नशे को खत्म करने के लिए संधोल में अयोजित सम्मेलन में भाग लेते लोग संवाद