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Mandi News: डॉक्टरों की हड़ताल खत्म अस्पतालों में सुचारु हुई सेवाएं, सभी ओपीडी बहाल
Wed, 21 Aug 2024 06:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 21 Aug 2024 06:51 PM IST
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सुंदरनगर के नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त होने के बाद उपचार को पहुंचे मरीज। सं
महिला चिकित्सक के साथ घटना का काले बिल्ले लगा जारी है विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर(मंडी)। कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ हुई घटना से के विरोध में हड़ताल पर चल रहे चिकित्सकों के काम पर लौटने से मरीजों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को सुंदरनगर के नागरिक अस्पताल में भी ओपीडी बहाल होने के बाद मरीज बड़ी संख्या में उपचार को पहुंचे। भले ही चिकित्सकों ने ओपीडी बहाल कर दी है, लेकिन सेवा के दौरान वे काले बिल्ले लगाकर लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के सह सचिव डॉ. जितेंद्र रूदकी ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के अलावा चिकित्सकों को सीएचसी, सिविल अस्पताल और पीएचसी में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ओर से रात्रि सेवाएं अस्पतालों में दी जाती हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर कड़े नियम नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ इस मामले को लेकर शिमला में बैठक करेगी। डॉ. जितेंद्र रूदकी ने बताया कि मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य संस्थानों में हिमाचल प्रदेश चिकित्सा सेवा व्यक्ति और चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा और संपत्ति की क्षति की रोकथाम) अधिनियम 2009 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने की मांग की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर(मंडी)। कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ हुई घटना से के विरोध में हड़ताल पर चल रहे चिकित्सकों के काम पर लौटने से मरीजों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को सुंदरनगर के नागरिक अस्पताल में भी ओपीडी बहाल होने के बाद मरीज बड़ी संख्या में उपचार को पहुंचे। भले ही चिकित्सकों ने ओपीडी बहाल कर दी है, लेकिन सेवा के दौरान वे काले बिल्ले लगाकर लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के सह सचिव डॉ. जितेंद्र रूदकी ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के अलावा चिकित्सकों को सीएचसी, सिविल अस्पताल और पीएचसी में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ओर से रात्रि सेवाएं अस्पतालों में दी जाती हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर कड़े नियम नहीं बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ इस मामले को लेकर शिमला में बैठक करेगी। डॉ. जितेंद्र रूदकी ने बताया कि मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य संस्थानों में हिमाचल प्रदेश चिकित्सा सेवा व्यक्ति और चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा और संपत्ति की क्षति की रोकथाम) अधिनियम 2009 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने की मांग की जाएगी।
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