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चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगा किया काम
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मंडी/जोगिंद्रनगर। कोविड ड्यूटी के बाद क्वारंटीन न करने पर जिलेभर के चिकित्सकों ने रोष जताया। चिकित्सकों ने सोमवार को काले बिल्ले लगाकर काम किया। मंडी, नेरचौक, जोगिंद्रनगर, सुंदरनगर, सरकाघाट आदि अस्पतालों के चिकित्सकों ने क्वारंटीन सुविधा समाप्त करने पर नाराजगी जताई है।
कोविड ड्यूटी के बाद चिकित्सकों के क्वारंटीन करने की व्यवस्था बहाल करने और स्वास्थ्य जांच की मांग भी प्रदेश और केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग से की है। चिकित्सकों का कहना है कि कोविड ड्यूटी के बाद उनकी वजह से उनके परिवार और साथ काम करने वाले लोग संक्रमण की चपेट में न आएं, इसके लिए दोनों सुविधाएं जरूरी हैं। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. ऋषभ, डॉ. जीवन और डॉ. विजेंद्र ने कहा कि सभी मांगें जायज हैं।
कोविड वैक्सीनेशन के बाद संक्रमित हुई चिकित्सक डॉ. दीक्षा ने बताया कि भले ही स्वास्थ्य विभाग पीपीई किट प्रदान कर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, लेकिन चिकित्सक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन नेरचौक ने भी रोष जताया है। काले बिल्ले लगाकर कोविड नियमों का अनुसरण करते हुए सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सरकार से कोविड ड्यूटी के बाद डॉक्टरों को क्वारंटीन न करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई।
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आरडीए नेरचौक के अध्यक्ष डॉ. विशाल जंवाल, महासचिव डॉ. रोशन ठाकुर ने कहा कि कोविड टीके की दो डोज लगने के बाद भी कई चिकित्सक पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। यदि कोविड ड्यूटी के बाद चिकित्सकों को क्वारंटीन न किया गया तो परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
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कोविड ड्यूटी के बाद चिकित्सकों के क्वारंटीन करने की व्यवस्था बहाल करने और स्वास्थ्य जांच की मांग भी प्रदेश और केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग से की है। चिकित्सकों का कहना है कि कोविड ड्यूटी के बाद उनकी वजह से उनके परिवार और साथ काम करने वाले लोग संक्रमण की चपेट में न आएं, इसके लिए दोनों सुविधाएं जरूरी हैं। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. ऋषभ, डॉ. जीवन और डॉ. विजेंद्र ने कहा कि सभी मांगें जायज हैं।
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कोविड वैक्सीनेशन के बाद संक्रमित हुई चिकित्सक डॉ. दीक्षा ने बताया कि भले ही स्वास्थ्य विभाग पीपीई किट प्रदान कर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, लेकिन चिकित्सक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन नेरचौक ने भी रोष जताया है। काले बिल्ले लगाकर कोविड नियमों का अनुसरण करते हुए सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सरकार से कोविड ड्यूटी के बाद डॉक्टरों को क्वारंटीन न करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई।
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आरडीए नेरचौक के अध्यक्ष डॉ. विशाल जंवाल, महासचिव डॉ. रोशन ठाकुर ने कहा कि कोविड टीके की दो डोज लगने के बाद भी कई चिकित्सक पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। यदि कोविड ड्यूटी के बाद चिकित्सकों को क्वारंटीन न किया गया तो परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
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