सामूहिक अवकाश पर रहे डॉक्टर, मरीज हुए बेहाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन की हड़ताल के कारण मरीजों को जोनल अस्पताल मंडी में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पंजीकरण काउंटर पर ही पर्ची बनाने को लेकर नोक-झोंक हुई। वहीं, सोमवार को मंडी अस्पताल में आर्थो से संबंधित ऑपरेशन होने थे। डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर जाने से आर्थों के तीन मेजर ऑपरेशन लटक गए। सिर्फ इमरजेंसी वाले मरीजों की पर्ची बनाने के निर्देश स्टाफ को दिए थे। इसके कारण मरीजों और पर्ची बनाने वाले कर्मचारियों में बहस होने लगी। लोगों का रोष देखकर अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में कई लोगों की पर्चियां बनाना शुरू कर दिया। लेकिन, ओपीडी में डॉक्टर न होने के कारण लोगों को मायूस होकर घर वापस लौटना पड़ा। डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश से मरीजों का इलाज नहीं हो पाया।
हालांकि आपातकालीन सेवाएं बहाल थीं। अस्पताल के इंडोर कार्य भी सुचारु रूप से चल रहे थे। अस्पताल में दाखिल मरीजों का चेकअप, टेस्ट और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही थीं। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे द्रंग पाली के जितेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी भाभी सोमवार सुबह पेड़ से गिर गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उपचार के लिए जब वे मंडी अस्पताल पहुंचे तो उन्हें थोड़ी देर परेशानी उठानी पड़ी। लेकिन, बाद में आपातकाल वार्ड में तैनात डॉक्टर ने उपचार किया। वहीं, सुरेंद्र सिंह, अश्वनी कुमार, विजय शर्मा, पिंकी देवी, सुमित्रा आदि ने बताया कि चिकित्सकों की हड़ताल की आड़ में अस्पताल के अन्य कर्मी भी कामकाज छोड़कर बैठ गए थे।
जोनल अस्पताल मंडी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. टीसी महंत ने बताया कि डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश के चलते पर्चियां नहीं बनाई गईं। गंभीर हालात में मरीज की पर्चियां बनाई गईं और आपातकालीन वार्ड में उपचार दिया गया। आर्थो के तीन मेजर ऑपरेशन नहीं हो पाए हैं। जिस दिन ऑपरेशन थियेटर खाली रहेगा उस दिन तीनों मरीजों के ऑपरेशन कर दिए जाएंगे।
जिला मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. दुष्यत कुमार ने कहा कि जब तक स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार एसोसिएशन की मांगों को पूरा नहीं करती है। तब तक आंदोलन जारी रहेगा।