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Mandi News: राजस्व अदालतों में 22 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा किया
Mon, 07 Oct 2024 06:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 07 Oct 2024 06:46 AM IST
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मंडी जिला में 12 स्थानों पर हुआ आयोजन, इंतकाल के 19097 मामले निपटाए
खुद आता है पटवारी का फोन, नहीं लगाने पड़ रहे कार्यालयों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राजस्व मामलों के निपटारे के लिए लोक अदालतें अहम भूमिका निभा रही हैं। मंडी जिले में अभी तक 12 लोक अदालतों का आयोजन हुआ है। इनके माध्यम से राजस्व विभाग से संबंधित 22 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया है।
बीते एक वर्ष के दौरान 12 राजस्व लोक अदालतों में 22,400 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। एक वर्ष के दौरान इंतकाल के 19097, तकसीम के 1201, निशानदेही के 1652 और राजस्व रिकार्ड में त्रुटियों को सुधारने के 450 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। राजस्व विभाग की यह लोक अदालतें हर महीने के अंतिम दो कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील और उप तहसील स्तर पर आयोजित की जाती हैं। तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने क्षेत्र के किन्हीं दो स्थानों पर जाकर लोगों के लंबित मामलों का मौके पर निपटारा करते हैं।
बल्ह तहसील निवासी रविंद्र सिंह, चंचल लता, हितेंद्र गुप्ता और देवी राम ने बताया कि पहले इंतकाल या निशानदेही के मामलों में वर्षों लग जाते थे। अब ये तुरंत प्रभाव से हो रहे हैं। अब निर्धारित तारीख की जानकारी देने के लिए खुद कार्यालय से फोन आ जाता है। इससे न कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत है और न ही लंबा इंतजार करने की।
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उधर, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि अब जिला प्रशासन का ध्यान पेचीदा मामलों की तरफ है। ऐसे कुछ मामले जिनमें लोगों की संलिप्तता ज्यादा है, उनमें सभी को एक मंच पर ला पाना मुश्किल होता है। इन मामलों को निपटारे की तरफ अब विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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खुद आता है पटवारी का फोन, नहीं लगाने पड़ रहे कार्यालयों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। राजस्व मामलों के निपटारे के लिए लोक अदालतें अहम भूमिका निभा रही हैं। मंडी जिले में अभी तक 12 लोक अदालतों का आयोजन हुआ है। इनके माध्यम से राजस्व विभाग से संबंधित 22 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया है।
बीते एक वर्ष के दौरान 12 राजस्व लोक अदालतों में 22,400 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। एक वर्ष के दौरान इंतकाल के 19097, तकसीम के 1201, निशानदेही के 1652 और राजस्व रिकार्ड में त्रुटियों को सुधारने के 450 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। राजस्व विभाग की यह लोक अदालतें हर महीने के अंतिम दो कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील और उप तहसील स्तर पर आयोजित की जाती हैं। तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने क्षेत्र के किन्हीं दो स्थानों पर जाकर लोगों के लंबित मामलों का मौके पर निपटारा करते हैं।
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बल्ह तहसील निवासी रविंद्र सिंह, चंचल लता, हितेंद्र गुप्ता और देवी राम ने बताया कि पहले इंतकाल या निशानदेही के मामलों में वर्षों लग जाते थे। अब ये तुरंत प्रभाव से हो रहे हैं। अब निर्धारित तारीख की जानकारी देने के लिए खुद कार्यालय से फोन आ जाता है। इससे न कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत है और न ही लंबा इंतजार करने की।
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उधर, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि अब जिला प्रशासन का ध्यान पेचीदा मामलों की तरफ है। ऐसे कुछ मामले जिनमें लोगों की संलिप्तता ज्यादा है, उनमें सभी को एक मंच पर ला पाना मुश्किल होता है। इन मामलों को निपटारे की तरफ अब विशेष ध्यान दिया जा रहा है।