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Mandi News: विवादित भूमि पर निर्माण पूरा करने की मांग खारिज
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मंडी। करसोग के चिंडी गांव में विवादित भूमि पर अधूरे मकान का निर्माण पूरा करने की अनुमति मांगने वाले तीन लोगों को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-1 मंडी की अदालत ने भास्कर, मीना राम और देवेंद्र की अपील खारिज कर सिविल जज करसोग के एक जुलाई 2025 के आदेश को बरकरार रखा है।
अपीलकर्ताओं ने दलील दी थी कि मुकदमा दायर होने से पहले मकान का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका था और केवल दरवाजे-खिड़कियां लगाने, टाइलें बिछाने, छत पर चादर लगाने और पेंट का काम बाकी था। उनका कहना था कि बरसात से अधूरे निर्माण को नुकसान हो रहा है। अदालत ने कहा कि 26 अप्रैल 2024 को दोनों पक्षों को भूमि की प्रकृति, कब्जे और हस्तांतरण के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया था। इसके बाद परिस्थितियों में ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ, जिसके आधार पर निषेधाज्ञा में बदलाव किया जा सके।
अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता यह भी साबित नहीं कर सके कि अंतरिम आदेश से उन्हें ऐसी अनुचित कठिनाई हुई है, जिसके कारण आदेश में हस्तक्षेप जरूरी हो। ट्रायल कोर्ट का आदेश कानून और तथ्यों के अनुरूप है। इसलिए इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है। दोनों पक्षों को 29 सितंबर को ट्रायल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
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अपीलकर्ताओं ने दलील दी थी कि मुकदमा दायर होने से पहले मकान का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका था और केवल दरवाजे-खिड़कियां लगाने, टाइलें बिछाने, छत पर चादर लगाने और पेंट का काम बाकी था। उनका कहना था कि बरसात से अधूरे निर्माण को नुकसान हो रहा है। अदालत ने कहा कि 26 अप्रैल 2024 को दोनों पक्षों को भूमि की प्रकृति, कब्जे और हस्तांतरण के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया था। इसके बाद परिस्थितियों में ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ, जिसके आधार पर निषेधाज्ञा में बदलाव किया जा सके।
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अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता यह भी साबित नहीं कर सके कि अंतरिम आदेश से उन्हें ऐसी अनुचित कठिनाई हुई है, जिसके कारण आदेश में हस्तक्षेप जरूरी हो। ट्रायल कोर्ट का आदेश कानून और तथ्यों के अनुरूप है। इसलिए इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है। दोनों पक्षों को 29 सितंबर को ट्रायल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
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