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डीसी ने तहसील कार्यालय का किया औचक निरीक्षण,
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जोगिंद्रनगर तहसील कार्यालय में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड की जांच करते उपायुक्त अरिंदम चौधरी। संव?
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने तहसील कार्यालय जोगिंद्रनगर का औचक निरीक्षण कर रिकॉर्ड खंगाला है। अगर राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं तो कार्रवाई होगी।
उपायुक्त मंगलवार दोपहर बाद अचानक जोगिंद्रनगर तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने तहसील कार्यालय की हर गतिविधियों और रिकॉर्ड की जांच की। कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को जनता के कार्य तय समय पर निपटाने के भी आदेश दिए। मंडी जिला की कुछ तहसीलों के रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाए जाने के बाद जिलाधीश स्वयं हर तहसील में जाकर रिकॉर्ड जांच रहे हैं।
तहसील कार्यालय में लंबित निशानदेही, इंतकाल और न्यायालय में चल रहे विचाराधीन मुकद्दमों में भी तेजी लाने के कई मर्तबा जिला प्रशासन की ओर से आदेश दिए गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों की ढीली कार्यप्रणाली पर अब उपायुक्त जवाबदेही तय कर जवाब मांग रहे हैं। मंगलवार को जोगिंद्रनगर तहसील कार्यालय में करीब दो घंटे तक उपायुक्त ने रिकॉर्ड जांच कर निशानदेही, इंतकाल के अलावा क्रय-विक्रय से संबंधित जानकारी हासिल की।
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मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार साजन बग्गा ने तहसील कार्यालय की हर गतिविधि और रिकॉर्ड की जानकारी दी। एसडीएम डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने उपायुक्त अरिंदम चौधरी का स्वागत किया। बता दें कि सोमवार को डीसी ने बल्ह, सुंदरनगर और सदर तहसीलों का दौरा किया था।
स्टांप वैंडर के पंजीकरण और दस्तावेज जांचे
उपायुक्त ने जोगिंद्रनगर तहसील कार्यालय के स्टांप वैंडर के पंजीकरण और दस्तावेज भी जांचे। वहीं राजस्व विभाग के द्वारा निर्धारित शुल्क पर कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त मंडी की तहसील कार्यालय में दबिश पर अधिकारी कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
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उपायुक्त मंगलवार दोपहर बाद अचानक जोगिंद्रनगर तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने तहसील कार्यालय की हर गतिविधियों और रिकॉर्ड की जांच की। कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को जनता के कार्य तय समय पर निपटाने के भी आदेश दिए। मंडी जिला की कुछ तहसीलों के रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाए जाने के बाद जिलाधीश स्वयं हर तहसील में जाकर रिकॉर्ड जांच रहे हैं।
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तहसील कार्यालय में लंबित निशानदेही, इंतकाल और न्यायालय में चल रहे विचाराधीन मुकद्दमों में भी तेजी लाने के कई मर्तबा जिला प्रशासन की ओर से आदेश दिए गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों की ढीली कार्यप्रणाली पर अब उपायुक्त जवाबदेही तय कर जवाब मांग रहे हैं। मंगलवार को जोगिंद्रनगर तहसील कार्यालय में करीब दो घंटे तक उपायुक्त ने रिकॉर्ड जांच कर निशानदेही, इंतकाल के अलावा क्रय-विक्रय से संबंधित जानकारी हासिल की।
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मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार साजन बग्गा ने तहसील कार्यालय की हर गतिविधि और रिकॉर्ड की जानकारी दी। एसडीएम डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने उपायुक्त अरिंदम चौधरी का स्वागत किया। बता दें कि सोमवार को डीसी ने बल्ह, सुंदरनगर और सदर तहसीलों का दौरा किया था।
स्टांप वैंडर के पंजीकरण और दस्तावेज जांचे
उपायुक्त ने जोगिंद्रनगर तहसील कार्यालय के स्टांप वैंडर के पंजीकरण और दस्तावेज भी जांचे। वहीं राजस्व विभाग के द्वारा निर्धारित शुल्क पर कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त मंडी की तहसील कार्यालय में दबिश पर अधिकारी कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।