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जिले में 25 सौ लोग डायरिया की चपेट में
मंडी
Updated Thu, 04 Aug 2016 06:09 PM IST
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डाक्टर
- फोटो : file photo
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मंडी। बरसात के मौसम में जिलाभर में डायरिया से पीड़ित मरीजों की तादाद बढ़ रही है। पिछले तीन सप्ताह के भीतर जिला मंडी में करीब 25 सौ से अधिक लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पानी उबाल कर पीने की हिदायत दी है। विभाग की तरफ से डायरिया की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। जिसमें यह पता चला है। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में हर सप्ताह 800 से 900 से अधिक लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।
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डायरिया का सबसे ज्यादा प्रकोप जंजैहली, रोहांडा, धर्मपुर, बलद्वाड़ा स्वास्थ्य खंडों में देखने का मिल रहा है। इन खंडों से स्वास्थ्य केंद्रों में हर सप्ताह 100 से अधिक लोग डायरिया का उपचार करने आ रहे हैं। डायरिया के मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों को पानी उबालकर पीने की हिदायत देने का कहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया सहित अन्य जलजनित रोगों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। इस बार जिला प्रशासन ने भी सभी विभागों के साथ मिलकर जलजलित रोगों पर नियंत्रण रखने के लिए योजना बनाई है जिससे बरसात के मौसम में लोग कम बीमार पड़े।
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इनसेट
पानी के सैंपल फेल होने के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से फरवरी माह से जिले के सभी खंडों से पानी की सैंपलिंग की जा रही है। हर सप्ताह आठ से दस पानी के सैंपलों की जांच जोनल अस्पताल की पब्लिक हेल्थ लैब में हो रही है। इस सैंपलिंग में आईपीएच विभाग सहित हैंडपंपों और प्राकृतिक जलस्रोतों का पानी अधिकतर दूषित पाया जा रहा है। जांच में ज्यादातर सैंपल फेल पाए गए हैं, जिसके चलते अब स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ उबला पानी पाने की सलाह दी है।
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कोट्स
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जोगिंद्र ठाकुर ने कहा कि जलजलित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है, जो भी मरीज अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में जांच करने आ रहे हैं, उनका प्राथमिकता से उपचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि पानी को उबाल कर ही पीयें। उबला पानी पीने से जलजलित रोगों के होने की संभावना न के बराबर है।