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सराज के भाटकीधार, कल्हणी, सराची में ओलावृष्टि से फसलें तबाह
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सराज घाटी में ओलावृष्टि होने के बाद खेतों और गांवों में बिछी सफेद चादर संवाद
- फोटो : Mandi
थुनाग (मंडी)। जिले के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में बुधवार दोपहर बाद बारिश और ओलावृष्टि हुई। मौसम के मिजाज ने गर्मी से राहत तो दी लेकिन कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ।
बुधवार को सराज क्षेत्र के भाटकीधार, सराची, कल्हणी, शिल्ह, नदैहल, पंदैहल, भडेची, शाबा, कथ्याला और घनौस इत्यादि गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी हानि हुई। पहले ही मौसम की बेरुखी की मार झेल रहे किसानों की चिंताएं ओलावृष्टि ने और बढ़ा दी हैं। सबसे ज्यादा नुकसान सेब, मटर, गेहूं और जौ की फसल को हुआ है। इसके अलावा प्लम, खुमानी, शक्करपारा की फसल को भी खासा नुकसान हुआ है। भाटकीधार की प्रधान लीला देवी के अलावा ग्रामीण योगेंद्र कुमार, तुलसीराम, पन्नालाल, देवी सिंह, नरपत राम, खेम सिंह, इंदर सिंह, प्यारेलाल, रामकृष्ण और पवन कुमार ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण मटर के पौधे खराब हो गए हैं।
किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मुआवजे की मांग की है। उपमंडलाधिकारी थुनाग पारस अग्रवाल ने संबंधित पटवारी को नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नुकसान की रिपोर्ट संबंधित पटवारी से बनवाकर लाएं।
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बुधवार को सराज क्षेत्र के भाटकीधार, सराची, कल्हणी, शिल्ह, नदैहल, पंदैहल, भडेची, शाबा, कथ्याला और घनौस इत्यादि गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी हानि हुई। पहले ही मौसम की बेरुखी की मार झेल रहे किसानों की चिंताएं ओलावृष्टि ने और बढ़ा दी हैं। सबसे ज्यादा नुकसान सेब, मटर, गेहूं और जौ की फसल को हुआ है। इसके अलावा प्लम, खुमानी, शक्करपारा की फसल को भी खासा नुकसान हुआ है। भाटकीधार की प्रधान लीला देवी के अलावा ग्रामीण योगेंद्र कुमार, तुलसीराम, पन्नालाल, देवी सिंह, नरपत राम, खेम सिंह, इंदर सिंह, प्यारेलाल, रामकृष्ण और पवन कुमार ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण मटर के पौधे खराब हो गए हैं।
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किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मुआवजे की मांग की है। उपमंडलाधिकारी थुनाग पारस अग्रवाल ने संबंधित पटवारी को नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नुकसान की रिपोर्ट संबंधित पटवारी से बनवाकर लाएं।
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