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Mandi News: सराज में ओलावृष्टि से खेतों में दब गईं फसलें
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सराज के छतरी में ओलावृष्टि। संवाद
दोपहर बाद अचानक मौसम ने बदली करवट
किसानों-बागवानों की मेहनत पर फिर गया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया। शिकारी देवी, शैटाधार और तुंगासीगढ़ में ओलावृष्टि के साथ बर्फ के फाहे भी गिरे। इससे तापमान में गिरावट आई। सराज की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में ओलों की मार से मटर, सेब और प्लम की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र ओलों से ढक गया, जिससे किसानों और बागवानों को लाखों का नुकसान होने का अनुमान है।
जानकारी के मुताबिक सराज क्षेत्र की चेत, चिऊणी, घाट, बूंग जहलगाड़, थाटा, जुफरकोट, बहलीधार, जरोल, जंजैहली, बूंग रैलचौक और ढीम संगलबाड़ा पंचायतों में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली। किसान भीखम राम ने बताया कि चिऊणी और चेत क्षेत्र में इतनी भयंकर ओलावृष्टि हुई कि सड़कों और खेतों में ओलों के ढेर लग गए। बागवान दिनेश ठाकुर ने बताया कि उपतहसील छतरी के ब्रेयोगी, ठैंसर और गतू में भी ओलावृष्टि ने भारी कहर बरपाया है।
किसान मुरारी लाल, बालक राम और चतर सिंह ने बताया कि इस बेमौसमी ओलावृष्टि ने सराज के बागवानों की कमर तोड़कर रख दी है। इन दिनों पेड़ों पर फ्लावरिंग और फ्रूट सेटिंग का समय है। ओलों की मार से फूल झड़ गए हैं और टहनियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सराहू गांव के टेक चंद और केशव राम ने बताया कि क्षेत्र की मुख्य नकदी फसल मटर ओलों के कारण खेतों में ही दब गई है। तैयार फसल के बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जुघांद गांव के किसानों भादर सिंह और जय चंद का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत से मटर और सेब की फसल तैयार की थी लेकिन कुछ ही मिनटों की ओलावृष्टि ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अब परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।
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प्रभावित पंचायतों के किसानों और किसान सभा के अध्यक्ष बिहारी लाल ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे करवाया जाए। किसानों ने मांग की है कि कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन किया जाए और पीड़ित किसानों को जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
थुनाग के एसडीएम संजीत शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में ओलावृष्टि की सूचना मिली है। राजस्व अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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किसानों-बागवानों की मेहनत पर फिर गया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया। शिकारी देवी, शैटाधार और तुंगासीगढ़ में ओलावृष्टि के साथ बर्फ के फाहे भी गिरे। इससे तापमान में गिरावट आई। सराज की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में ओलों की मार से मटर, सेब और प्लम की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र ओलों से ढक गया, जिससे किसानों और बागवानों को लाखों का नुकसान होने का अनुमान है।
जानकारी के मुताबिक सराज क्षेत्र की चेत, चिऊणी, घाट, बूंग जहलगाड़, थाटा, जुफरकोट, बहलीधार, जरोल, जंजैहली, बूंग रैलचौक और ढीम संगलबाड़ा पंचायतों में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली। किसान भीखम राम ने बताया कि चिऊणी और चेत क्षेत्र में इतनी भयंकर ओलावृष्टि हुई कि सड़कों और खेतों में ओलों के ढेर लग गए। बागवान दिनेश ठाकुर ने बताया कि उपतहसील छतरी के ब्रेयोगी, ठैंसर और गतू में भी ओलावृष्टि ने भारी कहर बरपाया है।
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किसान मुरारी लाल, बालक राम और चतर सिंह ने बताया कि इस बेमौसमी ओलावृष्टि ने सराज के बागवानों की कमर तोड़कर रख दी है। इन दिनों पेड़ों पर फ्लावरिंग और फ्रूट सेटिंग का समय है। ओलों की मार से फूल झड़ गए हैं और टहनियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सराहू गांव के टेक चंद और केशव राम ने बताया कि क्षेत्र की मुख्य नकदी फसल मटर ओलों के कारण खेतों में ही दब गई है। तैयार फसल के बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जुघांद गांव के किसानों भादर सिंह और जय चंद का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत से मटर और सेब की फसल तैयार की थी लेकिन कुछ ही मिनटों की ओलावृष्टि ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अब परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।
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प्रभावित पंचायतों के किसानों और किसान सभा के अध्यक्ष बिहारी लाल ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे करवाया जाए। किसानों ने मांग की है कि कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन किया जाए और पीड़ित किसानों को जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
थुनाग के एसडीएम संजीत शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में ओलावृष्टि की सूचना मिली है। राजस्व अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।