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महिलाओं के साथ हिंसा रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : चंपा ठाकुर
Thu, 06 Feb 2025 04:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 06 Feb 2025 04:29 AM IST
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जेंडर आधारित हिंसा के बार में जानकारी देते वक्ता और कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागी। - स्रोतः आयो
मंडी। जेंडर आधारित हिंसा पर जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा साक्षरता भवन मंडी में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें स्वास्थ्य, पुलिस, लेबर, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कल्याण, जिला बाल संरक्षण इकाई, साक्षरता एवं ज्ञान विज्ञान समिति, पंचायती राज संस्थाओं, बाल देख भाल केंद्रों, चाइल्ड लाइन समेत अन्य विभागों के 100 से अधिक सदस्यों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को अब भी कम आंका जाता है। पितृसत्तात्मक सोच के कारण लिंग-आधारित भेदभाव जन्म से पहले ही शुरू हो जाता है, जिससे भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाएं बढ़ती हैं। हालांकि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। फिर भी अभी इस तस्वीर को साफ करने के लिए बड़े प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने जेंडर आधारित हिंसा के कारणों, दुष्परिणामों और कानूनी पहलुओं पर जानकारी दी। संरक्षण अधिकारी शैलजा अवस्थी और प्रोबेशन ऑफिसर रमा ने विभिन्न सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यशाला का समापन जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बदरेल ने किया।
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कार्यशाला का शुभारंभ जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को अब भी कम आंका जाता है। पितृसत्तात्मक सोच के कारण लिंग-आधारित भेदभाव जन्म से पहले ही शुरू हो जाता है, जिससे भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाएं बढ़ती हैं। हालांकि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। फिर भी अभी इस तस्वीर को साफ करने के लिए बड़े प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
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कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने जेंडर आधारित हिंसा के कारणों, दुष्परिणामों और कानूनी पहलुओं पर जानकारी दी। संरक्षण अधिकारी शैलजा अवस्थी और प्रोबेशन ऑफिसर रमा ने विभिन्न सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यशाला का समापन जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बदरेल ने किया।
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