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चेक बाउंस में दो साल कैद, साढ़े चौदह लाख हर्जाना
अमर उजाला मंडी
Updated Fri, 27 May 2016 10:34 PM IST
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चैक बाउंस का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक आरोपी को दो साल के साधारण कारावास और 14.50 लाख हर्जाने का फैसला सुनाया है। हर्जाना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर आरोपी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक खनाल की अदालत ने मैसर्ज बनारसी दास एंड सन्स के मालिक बल्ह क्षेत्र के बग्गी निवासी हेमराज गुप्ता पुत्र बनारसी दास की शिकायत पर चलाए गए अभियोग के साबित होने पर पालमपुर के राजपुरा स्थित कौशल ट्रेडिंग कंपनी के विपिन सूद को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है। अधिवक्ता सुशील कपूर के माध्यम से अदालत में दायर शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी को सीमेंट बेचा था। आरोपी ने दो चेक जारी करके खरीदे गए सीमेंट की मूल्य राशि अदा की थी। शिकायतकर्ता ने जब यह चेक भुगतान के लिए बैंक में लगाए तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गए। ऐसे में शिकायतकर्ता ने आरोपी को राशि का भुगतान करने के लिए 15 दिनों का नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद भी आरोपी ने न तो नोटिस का कोई जवाब दिया और न ही राशि का भुगतान किया।
ऐसे में शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत अभियोग चलाया था। इस मामले मेें शिकायतकर्ता की ओर से दो तथा आरोपी की ओर से पांच गवाहों ने अपने बयान कलमबंद करवाए। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है।
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अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक खनाल की अदालत ने मैसर्ज बनारसी दास एंड सन्स के मालिक बल्ह क्षेत्र के बग्गी निवासी हेमराज गुप्ता पुत्र बनारसी दास की शिकायत पर चलाए गए अभियोग के साबित होने पर पालमपुर के राजपुरा स्थित कौशल ट्रेडिंग कंपनी के विपिन सूद को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है। अधिवक्ता सुशील कपूर के माध्यम से अदालत में दायर शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी को सीमेंट बेचा था। आरोपी ने दो चेक जारी करके खरीदे गए सीमेंट की मूल्य राशि अदा की थी। शिकायतकर्ता ने जब यह चेक भुगतान के लिए बैंक में लगाए तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गए। ऐसे में शिकायतकर्ता ने आरोपी को राशि का भुगतान करने के लिए 15 दिनों का नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद भी आरोपी ने न तो नोटिस का कोई जवाब दिया और न ही राशि का भुगतान किया।
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ऐसे में शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत अभियोग चलाया था। इस मामले मेें शिकायतकर्ता की ओर से दो तथा आरोपी की ओर से पांच गवाहों ने अपने बयान कलमबंद करवाए। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है।
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