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Mandi News: डंप की लकड़ी की जांच के लिए बहरी गांव में पहुंची केंद्रीय टीम
Thu, 17 Apr 2025 07:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 17 Apr 2025 07:01 AM IST
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धर्मपुर में बहरी लकड़ी प्रकरण को लेकर जांच करती केंद्रीय जांच टीम। स्रोत जागरूक पाठक
धर्मपुर (मंडी)। उपमंडल धर्मपुर के बहरी गांव में डंप की गई लकड़ी को लेकर बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। टीम ने न केवल वन विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की, बल्कि लकड़ी की नाप-जोख भी की।
सीएफ मृत्युंजय और डीएफओ कमल भारती ने केंद्रीय टीम को मामले की जानकारी। जांच के दौरान टीम सदस्यों ने पूछा कि यहां डंप की गई लकड़ी को लेकर क्या विभागीय स्वीकृति ली गई थी। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह लकड़ी लोगों की मलकीयत भूमि से काटी गई है, जिसके लिए वैध परमिट जारी किए गए थे। साथ ही बताया गया कि प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी को अलग कर दिया गया है।
टीम ने स्पष्ट किया कि वे मौके से जुटाए गए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। शिकायतकर्ता सुरेंद्र ठाकुर ने टीम के समक्ष कई अहम तथ्य प्रस्तुत किए और कहा कि उनके पास कुछ और सुराग हैं जिन्हें वह शीघ्र सौंपेंगे। इस पर टीम ने उनसे जल्द सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाने को कहा। केंद्रीय टीम में डीडीजी चेन्नई जार्ज, डीसीएफ देहरादून सुशांत सहित एक अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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उधर, जब मीडिया ने टीम से इस संबंध में प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो सदस्यों ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए केवल इतना कहा कि रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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सीएफ मृत्युंजय और डीएफओ कमल भारती ने केंद्रीय टीम को मामले की जानकारी। जांच के दौरान टीम सदस्यों ने पूछा कि यहां डंप की गई लकड़ी को लेकर क्या विभागीय स्वीकृति ली गई थी। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह लकड़ी लोगों की मलकीयत भूमि से काटी गई है, जिसके लिए वैध परमिट जारी किए गए थे। साथ ही बताया गया कि प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी को अलग कर दिया गया है।
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टीम ने स्पष्ट किया कि वे मौके से जुटाए गए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। शिकायतकर्ता सुरेंद्र ठाकुर ने टीम के समक्ष कई अहम तथ्य प्रस्तुत किए और कहा कि उनके पास कुछ और सुराग हैं जिन्हें वह शीघ्र सौंपेंगे। इस पर टीम ने उनसे जल्द सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाने को कहा। केंद्रीय टीम में डीडीजी चेन्नई जार्ज, डीसीएफ देहरादून सुशांत सहित एक अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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उधर, जब मीडिया ने टीम से इस संबंध में प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो सदस्यों ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए केवल इतना कहा कि रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।