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Mandi News: दूध के दाम का भुगतान न होने से पशुपालक परेशान
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कोटली (मंडी)। उपमंडल कोटली की ग्राम पंचायत धनियार के पशुपालक दूध बिक्री के रुपये के भुगतान में देरी से नाराज हैं। पशुपालकों का कहना है कि नवंबर में सितंबर माह के दूध के पैसों का भुगतान नहीं हो पाया है। यदि दूध के पैसे किसानों को जल्द नहीं मिले तो वह पशुओं के लिए चारे का इंतजाम नहीं कर पाएंगे। कुछ किसान ऐसे भी है, जिनके परिवार की जरूरतें दूध बेचने से मिलने वाले पैसे से ही होती हैं।
कुशमल गांव के पशुपालक गुलाब सिंह ने बताया कि दूध के पैसे का भुगतान न होने से पशुओं के लिए चारा फीड खरीदना संभव नहीं है। सरवाल गांव के भूप सिंह ने बताया कि सरकार ने दूध का दाम बढ़ा दिया, लेकिन दूध के दाम का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सरकार को भी किसानों का ख्याल रखना चाहिए। सलेतर के स्वारू राम ने बताया कि दूध का पैसा महीना दर महीना मिलना चाहिए। कुशमल गांव से कृष्णा देवी ने बताया कि अगर इस तरह दूध के दाम का भुगतान करने में विलंब होता रहा तो उनकी मेहनत का कोई फायदा नहीं है।
सलेतर दुग्ध समिति के क्रेता हंसराज का कहना है कि वह परेशान हैं क्योंकि पशुपालक रोजाना उन्हें पूछते हैं कि उनके दूध के पैसों का आखिर भुगतान क्यों नहीं हो रहा है। जब तक फेडरेशन की तरफ से दूध के दाम की पेमेंट उनके अकाउंट में नहीं आएगी वह आगे किसानों को भुगतान नहीं कर पाएंगे। दुग्ध शीतन केंद्र साईगलू में कार्यरत मिल्क प्रक्योरमेंट असिस्टेंट नेत्र लाल का कहना है कि जैसे ही पेमेंट होगी, पशुपालकों को अदायगी कर दी जाएगी।
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कुशमल गांव के पशुपालक गुलाब सिंह ने बताया कि दूध के पैसे का भुगतान न होने से पशुओं के लिए चारा फीड खरीदना संभव नहीं है। सरवाल गांव के भूप सिंह ने बताया कि सरकार ने दूध का दाम बढ़ा दिया, लेकिन दूध के दाम का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सरकार को भी किसानों का ख्याल रखना चाहिए। सलेतर के स्वारू राम ने बताया कि दूध का पैसा महीना दर महीना मिलना चाहिए। कुशमल गांव से कृष्णा देवी ने बताया कि अगर इस तरह दूध के दाम का भुगतान करने में विलंब होता रहा तो उनकी मेहनत का कोई फायदा नहीं है।
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सलेतर दुग्ध समिति के क्रेता हंसराज का कहना है कि वह परेशान हैं क्योंकि पशुपालक रोजाना उन्हें पूछते हैं कि उनके दूध के पैसों का आखिर भुगतान क्यों नहीं हो रहा है। जब तक फेडरेशन की तरफ से दूध के दाम की पेमेंट उनके अकाउंट में नहीं आएगी वह आगे किसानों को भुगतान नहीं कर पाएंगे। दुग्ध शीतन केंद्र साईगलू में कार्यरत मिल्क प्रक्योरमेंट असिस्टेंट नेत्र लाल का कहना है कि जैसे ही पेमेंट होगी, पशुपालकों को अदायगी कर दी जाएगी।
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