फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Buddhist devotees gathered at Rewalsar Lake Complex

Mandi News: रिवालसर झील परिसर में उमड़े बौद्ध श्रद्धालु

Tue, 24 Feb 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Buddhist devotees gathered at Rewalsar Lake Complex
रिवालसर में प्रवचन देते हुए बौद्ध गुरु रिमपोछे जान बन्छुक। संवाद - फोटो : महाराज सिंह इंटर कॉलेज से बोर्ड परीक्षा देकर बाहर निकलते छात्र-छात्राएं।
गुरु रिनपोछे जान बन्छुक के प्रवचनों को सुनने देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
रिवालसर (मंडी)। राज्य स्तरीय छेश्चु मेले में रिवालसर झील परिसर बौद्ध श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गया। मंगलवार सुबह से ही झील परिसर और बौद्ध मठों की ओर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बौद्ध गुरु रिनपोछे जान बन्छुक के प्रवचनों में भाग लेकर आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरु रिनपोछे जान बन्छुक ने अपने प्रवचनों में श्रद्धालुओं को दीर्घायु का आशीर्वाद देते हुए गुरु पद्मसम्भव की शिक्षाओं पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु पद्मसम्भव द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। प्रवचनों के दौरान श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा और अनुशासन के साथ झील परिसर में उपस्थित रहे।
विज्ञापन

छेश्चु मेले के अवसर पर वीरवार सुबह से रिवालसर के विभिन्न बौद्ध मठों में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जिनमें श्रद्धालु अपनी पारंपरिक वेशभूषा में तल्लीन दिखाई दिए। झील परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह बौद्धमय वातावरण में डूबा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिवालसर में आयोजित छेश्चू पर्व बौद्ध समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व प्रतिवर्ष फाल्गुन मास की अष्टमी को मनाया जाता है। भोटी भाषा में ‘छेश्चु’ का अर्थ अष्टमी होता है। मान्यता के अनुसार इसी दिन गुरु पद्मसम्भव का जन्म हुआ था। बौद्ध परंपरा में गौतम बुद्ध के बाद गुरु पद्मसम्भव को दूसरा महान अवतारी गुरु माना जाता है। मान्यता है कि गुरु पद्मसम्भव ने बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए देश-विदेश की यात्राएं कीं और उत्तर-पूर्व क्षेत्र में व्याप्त नकारात्मक शक्तियों का नाश कर अनेक बौद्ध मठों की स्थापना की। रिवालसर को उनकी तपोस्थली के साथ-साथ जन्मभूमि के रूप में भी श्रद्धा से देखा जाता है।

रिवालसर में प्रवचन देते हुए बौद्ध गुरु रिमपोछे जान बन्छुक। संवाद

रिवालसर में प्रवचन देते हुए बौद्ध गुरु रिमपोछे जान बन्छुक। संवाद- फोटो : महाराज सिंह इंटर कॉलेज से बोर्ड परीक्षा देकर बाहर निकलते छात्र-छात्राएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed