{"_id":"6728b52b44469dc39e0bb88e","slug":"birth-related-records-found-in-panchayats-guleria-mandi-news-c-90-1-mrt1064-139354-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायतों में मिले जन्म संबंधी रिकॉर्ड : गुलेरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायतों में मिले जन्म संबंधी रिकॉर्ड : गुलेरिया
विज्ञापन
धर्मपुर (मंडी)। क्षेत्र की पंचायतों में वर्ष 2012 से पहले का जन्म संबंधी रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है। सारा रिकाॅर्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मंडी में होने से धर्मपुर समेत अन्य गांवों के लोगों को मंडी शहर जाना पड़ रहा है। इसे लेकर जिला परिषद के दो सदस्यों समेत दस पंचायतों के प्रधान विरोध में आए हैं।
उनका कहना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मंडी में रिकॉर्ड लेने के लिए लोगों के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इन दिनों केवाईसी की जा रही है। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड में गलती ठीक करवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र चाहिए तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मंडी जाना पड़ रहा है। कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र के लिए तिथि दी जा रही है। इससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया, लौंगणी वार्ड से जगदीश चंद बिट्टा, प्रधान यूनियन के प्रधान प्रताप सकलानी, ततोहली परडाना की ममता, सकलाना के सुरेंद्र, बहरी की पूजा, धर्मपुर की ज्योति, भरौरी की नीता देवी, बिंगा की तंबो देवी, लौंगणी की मीना देवी, सरौन के पवन, कमलाह के सुरेंद्र आदि का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग लोगों और महिलाओं को हो रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जनहित में रिकाॅर्ड को वापस पंचायतों में भेजने की मांग उठाई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
उनका कहना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मंडी में रिकॉर्ड लेने के लिए लोगों के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इन दिनों केवाईसी की जा रही है। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड में गलती ठीक करवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र चाहिए तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मंडी जाना पड़ रहा है। कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र के लिए तिथि दी जा रही है। इससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
विज्ञापन
जिला परिषद सदस्य वंदना गुलेरिया, लौंगणी वार्ड से जगदीश चंद बिट्टा, प्रधान यूनियन के प्रधान प्रताप सकलानी, ततोहली परडाना की ममता, सकलाना के सुरेंद्र, बहरी की पूजा, धर्मपुर की ज्योति, भरौरी की नीता देवी, बिंगा की तंबो देवी, लौंगणी की मीना देवी, सरौन के पवन, कमलाह के सुरेंद्र आदि का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग लोगों और महिलाओं को हो रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जनहित में रिकाॅर्ड को वापस पंचायतों में भेजने की मांग उठाई है। संवाद
विज्ञापन