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Mandi News: आपदा हो या आर्थिक तंगी, हर जगह सुमन का साथ

Fri, 05 Dec 2025 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Fri, 05 Dec 2025 11:53 PM IST
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Be it disaster or financial crisis, Suman is there everywhere.
सुमन सैनी। संवाद
सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडल सुंदरनगर की सुमन सैनी केवल एक नाम नहीं बल्कि अब जरूरतमंदों के लिए उम्मीद का दूसरा नाम बन चुकी हैं। जब भी समाज पर कोई प्राकृतिक आपदा आई या कोई गरीब परिवार आर्थिक संकट में फंसा, सुमन ने अपनी सरकारी नौकरी की व्यस्तता को कभी सेवा के आड़े नहीं आने दिया। वे उन चंद लोगों में शामिल हैं जो मुश्किल घड़ी में सबसे पहले पीड़ितों का हाथ थामती हैं।
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प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुमन सैनी का समर्पण देखते ही बनता है। सराज में आई आपदा हो या निरमंड की भयानक त्रासदी सुमन अपनी टीम के साथ प्रशासन और अन्य मदद पहुंचने से पहले ही सक्रिय हो गईं। उन्होंने पीड़ितों की हर छोटी-बड़ी जरूरत को समझा। चाहे वह राशन हो, गर्म कपड़े हों या स्कूली बच्चों के लिए जूते और कॉपियां। उनका यह त्वरित एक्शन कई परिवारों के लिए जीवन रक्षक साबित हुआ।
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अकेले चलने के बजाय सुमन ने संगठन में शक्ति के मंत्र को अपनाया। इनर व्हील क्लब की संस्थापक प्रमुख के तौर पर उन्होंने क्षेत्र की करीब 100 महिलाओं को एक मंच पर जोड़ दिया है। आज यह नेटवर्क एक मजबूत सामाजिक ताकत बन चुका है जो न केवल गरीबों की मदद करता है, बल्कि नशा मुक्ति अभियान और महिला जागरूकता जैसे मुद्दों पर भी काम कर रहा है।
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स्कूल में डिजिटल बदलाव की बयार

सरकारी स्कूल में प्रवक्ता होने का धर्म निभाते हुए सुमन ने शिक्षा के स्तर को उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को जमाने के साथ कदमताल कराने के लिए उन्होंने डिजिटल कक्षा की अनूठी पहल शुरू की है। इसके अलावा हर सर्दी में उनकी टीम यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी गरीब बच्चे को बिना स्वेटर या जूतों के स्कूल न आना पड़े।


संघर्ष से उपजी सेवा भावना

सुमन सैनी का मानना है कि जीवन के निजी संघर्षों ने ही उन्हें दूसरों की पीड़ा महसूस करना सिखाया है। उनका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचाना है। आज उनकी निस्वार्थ सेवा और नेतृत्व क्षमता ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो तो एक अकेली महिला भी समाज की दिशा बदल सकती है।
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