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Mandi News: बाबा भूतनाथ मंदिर बना आकर्षण का केंद्र, रोजाना हो रहे विभिन्न स्वरूपों के दर्शन
Wed, 28 Jan 2026 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:34 PM IST
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मंडी में बाबा भूतनाथ मंदिर में माखन से चौमुखा महादेव मंदिर मंदसौर का उकेरा स्वरूप। संवाद
मंडी। जैसे-जैसे महाशिवरात्रि की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छोटी काशी के भक्तों की उत्सुकता और उल्लास भी बढ़ता जा रहा है। मंडी शहर के सबसे प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि के बाद से भक्तों का तांता लगा हुआ है। कारण, यहां होने वाले भगवान शिव के अनेकों स्वरूपों के दर्शन हैं।
दरअसल तारा रात्रि से भूतनाथ मंदिर में भगवान शिव की पिंडी पर माखन का लेप चढ़ाया गया है और उस लेप पर रोजाना भोले बाबा के विभिन्न स्वरूपों को उकेर कर भक्तों को दर्शन करवाए जा रहे हैं। यह दर्शन भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। तारा रात्रि से रोजाना भूतनाथ मंदिर दर्शनों के लिए आ रही आंचल ठाकुर ने बताया कि उन्हें रोजाना भगवान भोले नाथ के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन हो रहे हैं। वे रोज यहां आकर पूजा अर्चना करके भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि बाबा भूतनाथ की पिंडी पर माखन का लेप यानी घृत मंडल चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है और आज भी इस परंपरा का छोटी काशी मंडी में पूरे उत्साह व हर्षोल्लास के साथ निर्वहन किया जा रहा है। भगवान शिव श्रृष्टि के रचियता हैं और पूरे भारत व विदेशों में उनके अनेकों स्वरूप और मंदिर विराजमान हैं। उन सभी स्थानों तक पहुंच पाना सभी के लिए संभव नहीं होता। इसलिए घृत मंडल पर उनकी आकृतियां उकेर कर भक्तों को एक ही स्थान पर उनके विभिन्न स्वरूपों के दर्शन करवाने का प्रयास किया जाता है।
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बता दें कि बाबा भूतनाथ की पिंडी पर माखन का यह श्रृंगार शुरू होने के बाद ही छोटी काशी में महाशिवरात्रि के सभी शुभ कारज शुरू हो जाते हैं। छोटी काशी का अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव विश्व प्रसिद्ध है जो कि इस बार 16 से 22 फरवरी तक मनाया जाएगा।
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दरअसल तारा रात्रि से भूतनाथ मंदिर में भगवान शिव की पिंडी पर माखन का लेप चढ़ाया गया है और उस लेप पर रोजाना भोले बाबा के विभिन्न स्वरूपों को उकेर कर भक्तों को दर्शन करवाए जा रहे हैं। यह दर्शन भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। तारा रात्रि से रोजाना भूतनाथ मंदिर दर्शनों के लिए आ रही आंचल ठाकुर ने बताया कि उन्हें रोजाना भगवान भोले नाथ के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन हो रहे हैं। वे रोज यहां आकर पूजा अर्चना करके भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।
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बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि बाबा भूतनाथ की पिंडी पर माखन का लेप यानी घृत मंडल चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है और आज भी इस परंपरा का छोटी काशी मंडी में पूरे उत्साह व हर्षोल्लास के साथ निर्वहन किया जा रहा है। भगवान शिव श्रृष्टि के रचियता हैं और पूरे भारत व विदेशों में उनके अनेकों स्वरूप और मंदिर विराजमान हैं। उन सभी स्थानों तक पहुंच पाना सभी के लिए संभव नहीं होता। इसलिए घृत मंडल पर उनकी आकृतियां उकेर कर भक्तों को एक ही स्थान पर उनके विभिन्न स्वरूपों के दर्शन करवाने का प्रयास किया जाता है।
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बता दें कि बाबा भूतनाथ की पिंडी पर माखन का यह श्रृंगार शुरू होने के बाद ही छोटी काशी में महाशिवरात्रि के सभी शुभ कारज शुरू हो जाते हैं। छोटी काशी का अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव विश्व प्रसिद्ध है जो कि इस बार 16 से 22 फरवरी तक मनाया जाएगा।