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ब्रेन हेमरेज से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी : डॉ. विवेक
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मंडी। ब्रेन हेमरेज एक गंभीर और जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है, जो दिव्यांगता और मृत्यु का बड़ा कारण बन सकती है। दिमाग की रक्त वाहिकाओं में एन्यूरिज्म फटने से होने वाला ब्रेन हेमरेज अचानक होता है। यदि समय पर इलाज न मिले तो यह जान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में आम लोगों के बीच इसके लक्षणों और इलाज को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। यह बात मंडी में इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. विवेक अग्रवाल ने कही।
डॉ. विवेक अग्रवाल ने कहा कि ब्रेन हेमरेज के मामलों में जन-जागरूकता सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने कहा कि समय पर लक्षणों की पहचान, त्वरित जांच और कोऑर्डिनेटेड मेडिकल केयर से न केवल मरीज की जान बचाई जा सकती है, बल्कि स्थायी दिमागी नुकसान से भी बचाव संभव है। कहा कि ब्रेन हेमरेज के शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, दौरे पड़ना और बेहोशी शामिल है। इन संकेतों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है।
कहा कि एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग ब्रेन एन्यूरिज्म के इलाज की एक आधुनिक और मिनिमली-इनवेसिव तकनीक है, जिसमें कैथेटर के जरिए प्लैटिनम कॉइल डालकर ब्लीडिंग के स्रोत को अंदर से सील किया जाता है। इस प्रक्रिया से ओपन ब्रेन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती और मरीज के जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह के एक मामले में एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग के जरिए एक्यूट सबराक्नॉइड हैमरेज से पीड़ित 30 वर्षीय महिला की जान बचाई है। संवाद
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डॉ. विवेक अग्रवाल ने कहा कि ब्रेन हेमरेज के मामलों में जन-जागरूकता सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने कहा कि समय पर लक्षणों की पहचान, त्वरित जांच और कोऑर्डिनेटेड मेडिकल केयर से न केवल मरीज की जान बचाई जा सकती है, बल्कि स्थायी दिमागी नुकसान से भी बचाव संभव है। कहा कि ब्रेन हेमरेज के शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, दौरे पड़ना और बेहोशी शामिल है। इन संकेतों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है।
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कहा कि एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग ब्रेन एन्यूरिज्म के इलाज की एक आधुनिक और मिनिमली-इनवेसिव तकनीक है, जिसमें कैथेटर के जरिए प्लैटिनम कॉइल डालकर ब्लीडिंग के स्रोत को अंदर से सील किया जाता है। इस प्रक्रिया से ओपन ब्रेन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती और मरीज के जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह के एक मामले में एंडोवैस्कुलर कॉइलिंग के जरिए एक्यूट सबराक्नॉइड हैमरेज से पीड़ित 30 वर्षीय महिला की जान बचाई है। संवाद
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