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Mandi News: गैर शैक्षणिक कार्य करवाने से कला अध्यापक हताश
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बोले-विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ेगा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी अधिसूचना में टीजीटी नान मेडिकल और मेडिकल शिक्षक वर्ग को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने से कला टीजीटी हताश हैं। टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इससे इस वर्ग के शिक्षकों पर गैर शैक्षणिक कार्यों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
गणित, विज्ञान और अंग्रेजी पढ़ाने वाले टीजीटी से शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा कोई अतिरिक्त कार्य नहीं करवाया जाएगा। ये अध्यापक अब स्पोटर्स एक्टिविटी, कल्चरल प्रोग्राम, मिड-डे मील इंचार्ज, स्काॅलरशिप, एसएमसी और अन्य गैर-शिक्षण कार्य नहीं करेंगे। सीएंडवी शिक्षकों, डीपीई, प्रयोगशाला परिचर, क्लर्क स्टाफ आदि को यह काम सौंपे जाएंगे। अगर स्कूल में यह विकल्प न हों तो कला अध्यापकों से ये काम लिए जाने की अधिसूचना में बात कही गई है।
अधिसूचना जारी होने के बाद टीजीटी नान मेडिकल और मेडिकल को सौंपे गए गैर शैक्षणिक कार्य वापस ले लिए हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में कला अध्यापकों को यथावत गैर शैक्षणिक कार्यों में शामिल किया गया है। अधिसूचना के तीसरे पैराग्राफ में कला शिक्षकों को केवल सीएंडवी शिक्षक अथवा अन्य कोई विकल्प उपलब्ध न होने पर ही गैर शैक्षणिक कार्य सौंपा जा सकता है लेकिन अधिकांश स्कूल प्रिंसिपल ने टीजीटी आर्ट्स को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नहीं किया है। छठी से दसवीं कक्षा के छात्र अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषय में कमजोर ही रहेंगे। टीजीटी नान मेडिकल गणित और टीजीटी मेडिकल सिर्फ विज्ञान विषय ही पढ़ाते हैं। इन दोनों संकायों के शिक्षकों के पास एक-एक विषय रहता है जबकि दूसरी ओर टीजीटी आर्ट्स को छठी से लेकर दसवीं कक्षा के छात्रों को सोशल साइंस और अंग्रेजी विषय पढ़ाने पड़ते हैं।
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शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए स्कूलों में किसी भी शिक्षक से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिए जाने चाहिए। टीजीटी आर्ट्स के पास अंग्रेजी जैसा अहम विषय है इसलिए इस वर्ग को गैर शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतया अलग कर देना चाहिए।-- सुरेश कौशल, अध्यक्ष टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी अधिसूचना में टीजीटी नान मेडिकल और मेडिकल शिक्षक वर्ग को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने से कला टीजीटी हताश हैं। टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इससे इस वर्ग के शिक्षकों पर गैर शैक्षणिक कार्यों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
गणित, विज्ञान और अंग्रेजी पढ़ाने वाले टीजीटी से शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा कोई अतिरिक्त कार्य नहीं करवाया जाएगा। ये अध्यापक अब स्पोटर्स एक्टिविटी, कल्चरल प्रोग्राम, मिड-डे मील इंचार्ज, स्काॅलरशिप, एसएमसी और अन्य गैर-शिक्षण कार्य नहीं करेंगे। सीएंडवी शिक्षकों, डीपीई, प्रयोगशाला परिचर, क्लर्क स्टाफ आदि को यह काम सौंपे जाएंगे। अगर स्कूल में यह विकल्प न हों तो कला अध्यापकों से ये काम लिए जाने की अधिसूचना में बात कही गई है।
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अधिसूचना जारी होने के बाद टीजीटी नान मेडिकल और मेडिकल को सौंपे गए गैर शैक्षणिक कार्य वापस ले लिए हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों में कला अध्यापकों को यथावत गैर शैक्षणिक कार्यों में शामिल किया गया है। अधिसूचना के तीसरे पैराग्राफ में कला शिक्षकों को केवल सीएंडवी शिक्षक अथवा अन्य कोई विकल्प उपलब्ध न होने पर ही गैर शैक्षणिक कार्य सौंपा जा सकता है लेकिन अधिकांश स्कूल प्रिंसिपल ने टीजीटी आर्ट्स को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नहीं किया है। छठी से दसवीं कक्षा के छात्र अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषय में कमजोर ही रहेंगे। टीजीटी नान मेडिकल गणित और टीजीटी मेडिकल सिर्फ विज्ञान विषय ही पढ़ाते हैं। इन दोनों संकायों के शिक्षकों के पास एक-एक विषय रहता है जबकि दूसरी ओर टीजीटी आर्ट्स को छठी से लेकर दसवीं कक्षा के छात्रों को सोशल साइंस और अंग्रेजी विषय पढ़ाने पड़ते हैं।
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शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए स्कूलों में किसी भी शिक्षक से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिए जाने चाहिए। टीजीटी आर्ट्स के पास अंग्रेजी जैसा अहम विषय है इसलिए इस वर्ग को गैर शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतया अलग कर देना चाहिए।