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Mandi News: कृषि अधिकारियों को एकीकृत कीट प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण
Wed, 14 Aug 2024 07:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 14 Aug 2024 07:01 AM IST
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सुंदरनगर के खिलड़ा गांव में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान के खेतों का भ्रमण करते जाईका प्रोजेक
सुंदरनगर (मंडी)। जाइका प्रोजेक्ट हमीरपुर के सहयोग से कृषक प्रशिक्षण केंद्र सुंदरनगर में एकीकृत कीट प्रबंधन पर 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और सोलन से आए जाइका प्रोजेक्ट के कृषि अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान कृषक प्रशिक्षण केंद्र की प्रधानाचार्य डॉ. प्राची ने एकीकृत कीट प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं और उनके समाधान पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम समन्वयक हितेंद्र सिंह ने एकीकृत कीट प्रबंधन की अवधारणा और प्रमुख प्रबंधन उपायों पर प्रकाश डाला। वानिकी एवं बागवानी महाविद्यालय थुनाग के वैज्ञानिक डॉ. मंजू ने कृषि प्रणाली और कीट प्रबंधन का विश्लेषण किया और महत्वपूर्ण फसलों के कीटों की पहचान और प्रबंधन विधियों के बारे में जानकारी प्रदान की।
इसके अतिरिक्त, डॉ. सुधीर ने मृदा स्वास्थ्य और मृदा प्रबंधन में एकीकृत कीट प्रबंधन के योगदान के बारे में बताया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन, प्रशिक्षुओं को ग्राम पंचायत खिलड़ा के गांव नायली में प्राकृतिक खेती कर रहे किसान रूप लाल के खेतों का भ्रमण करवाया गया। इस भ्रमण के दौरान, प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक रूप से कीटों और बीमारियों की पहचान कराई गई, जिससे उन्हें एकीकृत कीट प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं का ज्ञान प्राप्त हुआ।
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प्रशिक्षण के दौरान कृषक प्रशिक्षण केंद्र की प्रधानाचार्य डॉ. प्राची ने एकीकृत कीट प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं और उनके समाधान पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम समन्वयक हितेंद्र सिंह ने एकीकृत कीट प्रबंधन की अवधारणा और प्रमुख प्रबंधन उपायों पर प्रकाश डाला। वानिकी एवं बागवानी महाविद्यालय थुनाग के वैज्ञानिक डॉ. मंजू ने कृषि प्रणाली और कीट प्रबंधन का विश्लेषण किया और महत्वपूर्ण फसलों के कीटों की पहचान और प्रबंधन विधियों के बारे में जानकारी प्रदान की।
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इसके अतिरिक्त, डॉ. सुधीर ने मृदा स्वास्थ्य और मृदा प्रबंधन में एकीकृत कीट प्रबंधन के योगदान के बारे में बताया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन, प्रशिक्षुओं को ग्राम पंचायत खिलड़ा के गांव नायली में प्राकृतिक खेती कर रहे किसान रूप लाल के खेतों का भ्रमण करवाया गया। इस भ्रमण के दौरान, प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक रूप से कीटों और बीमारियों की पहचान कराई गई, जिससे उन्हें एकीकृत कीट प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं का ज्ञान प्राप्त हुआ।
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