{"_id":"685d916946b76cd5b207d9a0","slug":"after-waterlogging-nhai-is-busy-making-drainage-channels-in-the-highway-mandi-news-c-90-1-ssml1025-160460-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: जलभराव के बाद हाईवे में निकासी नालियां बनाने में जुटा एनएचएआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: जलभराव के बाद हाईवे में निकासी नालियां बनाने में जुटा एनएचएआई
विज्ञापन
मंडी पठानकोट हाईवे पर बंद पड़ी निकासी नालियों को बहाल करती जेसीबी मशीन। स्रोत जागरूक पाठक
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट-मंडी हाईवे पर मानसून सीजन में जलभराव होने से हालात बिगड़ने के बाद एनएचएआई हरकत में आया है। मंडी- कांगड़ा सीमा से सटे हाईवे के किनारे बंद पड़ी नालियों को जेसीबी से बहाल किया जा रहा है। घट्टा से पधर तक बाधित कल्वर्ट भी बहाल होंगे ताकि बारिश के दौरान हाईवे पर जलभराव न हो।
पिछले दिनों हुई बारिश से जोगिंद्रनगर उपमंडल के डकबगड़ा, ढेलू और पशु चिकित्सालय के समीप निकासी नालियां और कल्वर्ट बाधित होने से हाईवे पर जलभराव हो गया था। रिहायशी इलाकों और सड़क के किनारे सटी दुकानों में पानी घुस गया था। राहगीरों को भी मुश्किल हुईं। जून में मानसून के तीखे तेवर देखते हुए अब बंद निकासी नालियों को बहाल करना शुरू कर दिया है।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सड़क बाधित होने की समस्या से निपटने के लिए मशीनरी और आवश्यक सामग्री पहुंचा दी है। एनएचएआई ने नोडल अधिकारी भी मंडी-पठानकोट हाईवे पर तैनात किए हैं। उधर, एनएचएआई पालमपुर इकाई के परियोजना निदेशक विकास सूरजेवाला ने बताया कि बरसात को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दिनों हुई बारिश से जोगिंद्रनगर उपमंडल के डकबगड़ा, ढेलू और पशु चिकित्सालय के समीप निकासी नालियां और कल्वर्ट बाधित होने से हाईवे पर जलभराव हो गया था। रिहायशी इलाकों और सड़क के किनारे सटी दुकानों में पानी घुस गया था। राहगीरों को भी मुश्किल हुईं। जून में मानसून के तीखे तेवर देखते हुए अब बंद निकासी नालियों को बहाल करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सड़क बाधित होने की समस्या से निपटने के लिए मशीनरी और आवश्यक सामग्री पहुंचा दी है। एनएचएआई ने नोडल अधिकारी भी मंडी-पठानकोट हाईवे पर तैनात किए हैं। उधर, एनएचएआई पालमपुर इकाई के परियोजना निदेशक विकास सूरजेवाला ने बताया कि बरसात को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन