फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   after six day of snow fall problems are continue

उपमंडल गोहर और जंजैहली में बर्फबारी के बाद नहीं सुधरे हालात

Thu, 12 Jan 2017 10:11 PM IST
मंडी
मंडी Updated Thu, 12 Jan 2017 10:11 PM IST
विज्ञापन
after six day of snow fall problems are continue
मंडी-करसोग सड़क पर पंडार के पास सड़क से बर्फ साफ करती जेसीबी मशीन। - फोटो : अमर उजाला

गोहर (मंडी)। विद्युत बोर्ड के वीरवार को गोहर मंडल के करीब 100 ट्रांसफार्मर बंद रहे। विभागीय अधिकारियों को सराजघाटी में भारी बर्फबारी के कारण बंद ट्रांसफार्मरों को बहाल करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। विभाग के अधिशाषी अभियंता पीके शर्मा के अनुसार महकमे ने प्राइवेट लेबर का सहयोग लेकर जंजैहली और गोहर उपमंडल में बंद पड़े विद्युत ट्रांसफार्मरों को बहाल करने में दिनरात एक कर दिया है। विद्युत बोर्ड गोहर को बर्फबारी से अब तक करीब 70 लाख का नुकसान झेलना पड़ा है। जिसकी रिपोर्ट विभाग ने उच्चाधिकारियों को भेज दी है। एसडीएम राघव शर्मा ने कहा कि विद्युत और लोनिवि के अधिकारियों को बर्फबारी से प्रभावित इलाकों में भेज दिया गया है। जो जनजीवन सामान्य करने में जुटे हुए हैं। उपमंडल गोहर और जंजैहली में भारी बर्फबारी के कारण लोनिवि के गोहर मंडल की 28 सड़कें अभी बंद पड़ी हुई हैं।

विज्ञापन


जंजैहली उपमंडल की 15, बालीचौकी उपमंडल की 9 और गोहर उपमंडल की चार सड़कें अभी भी बर्फबारी के कारण बाधित हैं। जिससे सराजघाटी शेष जिला से एक सप्ताह बाद भी कटी हुई है। सराजघाटी में लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बंद सड़कों में बालीचौकी बासन सोमगाड़, बालीचौकी खुहण डीडर, बालीचौकी गाड़ागुशैणी टपनाली, बालीचौकी सुधराणी थाटा, बालीचौकी गाडागुशैणी छतरी, बालीचौकी, थाची नरैणगलू डीडर, गोहर कांढा सड़क, जंजैहली बखरोट, जंजैहली छतरी, लंबाथाच चियुणी, लंबाथाच शिल्हीबागी थलौट, बगस्याड़ परवाड़ा, लेहगला शिकावरी, बगस्याड़ रहीधार, बूंग भरवाड़, जरोल जुगांध चाकूधार, थुनाग पंजाई लांबशाफ्ड और कुकडीगलू सरयाच समेत अनेक सड़कें अभी भी बर्फबारी से बंद हैं। उधर, बर्फबारी के कारण पड़ रही कड़ाके की ठंड से मंडी जनपद के अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग की पवित्र झील जम गई है। झील जम जाने से यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हालांकि प्रशासन ने कमरूनाग और शिकारी देवी धार्मिक स्थलों में बर्फबारी होने के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर रोक लगा दी है। वहीं, मंडी जिले के पर्यटक और धार्मिक स्थल सरोआ में माता जालपा मंदिर में भारी बर्फबारी का आनंद उठाने के लिए पर्यटकों की बाढ़ आ गई है। सरोआ स्थित जालपा मंदिर में करीब एक से डेढ़ फीट बर्फ पड़ी है। जिसका पर्यटक और श्रद्धालु आनंद ले रहे हैं।
विज्ञापन


रोजाना सरोआ में हजारों पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। कमरूनाग देवता के कटवाल रणजीत सिंह ठाकुर ने कमरूनाग झील के जम जाने की पुष्टि की है। बताया कि कमरूनाग में पांच फीट बर्फ गिरी है। जिससे देवता के कपाट बंद कर दिए गए हैं। बर्फबारी के कारण समूचे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जनपद की सबसे ऊंची चोटी माता शिकारी देवी में रिकार्ड बर्फबारी दर्ज की गई है। एसडीएम जंजैहली अश्विनी कुमार ने कहा है कि शिकारी देवी धार्मिक स्थल में करीब 8 फीट बर्फ दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि शिकारी देवी के लिए पर्यटकों और श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगा दी गई है। बर्फबारी से शिकारी देवी मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए गए हैं। चार माह बाद हुई पर्याप्त बारिश और बर्फबारी ने किसानों और बागवानों को गदगद कर दिया है। बागवानी विशेषज्ञ जनवरी में हुई भारी बर्फबारी को सेब की फसल के लिए लाभदायक मान रहे हैं। बागवानी विशेषज्ञ शिमला डा. एसपी भारद्वाज के अनुसार जनवरी में बारिश और बर्फबारी होने के कारण सेब बागीचों में चिलिंग आवर्स शुरू हो गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed