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Mandi News: जिले की तीन पहाड़ियों पर 15 करोड़ से बनेगा वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम
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आईआईटी के विशेषज्ञों का लिया जा रहा तकनीकी सहयोग : अनिल
बेतरतीब पार्किंग पर सख्ती, जोनल अस्पताल तक बनेगा नो पार्किंग जोन
जल निकासी के वैज्ञानिक उपायों से कम होगा भूस्खलन का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आई भीषण प्राकृतिक आपदाओं से सबक लेते हुए नगर निगम मंडी ने छोटी काशी को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। शहर की संवेदनशील पहाड़ियों से पानी की सुरक्षित और वैज्ञानिक निकासी के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके पहले चरण में तीन प्रमुख पहाड़ियों पर करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। यह जानकारी सदर विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
अनिल शर्मा ने बताया कि बरसात के दौरान पहाड़ियों से अनियंत्रित तरीके से बहने वाला पानी शहर में भारी नुकसान पहुंचाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश सरकार को विभिन्न पहाड़ियों की पीपीआर (प्री-प्राइमरी रिपोर्ट) भेजी गई थी, जिनमें से तीन संवेदनशील क्षेत्रों के लिए मंजूरी मिल चुकी है। इनमें पिछले दो से तीन वर्षों में सबसे अधिक प्रभावित रहे जेल रोड, जोनल अस्पताल के समीप पैलेस कॉलोनी और विश्वकर्मा की पहाड़ी शामिल हैं।
इस पूरी ड्रेनेज प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने के लिए आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। विशेषज्ञ क्षेत्र की भौगोलिक संरचना का अध्ययन कर एक टिकाऊ और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करेंगे। शहर में बढ़ती अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम की समस्या पर विधायक ने वाहन मालिकों से नियमों का पालन करने की अपील की। बेतरतीब खड़े वाहनों से जोनल अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस और जनता को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम की बैठक में प्रस्ताव पारित कर शहर की मुख्य सड़कों से लेकर जोनल अस्पताल तक के क्षेत्र को नो पार्किंग और नो हॉल्टिंग जोन घोषित करने का निर्णय लिया गया है।
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बेतरतीब पार्किंग पर सख्ती, जोनल अस्पताल तक बनेगा नो पार्किंग जोन
जल निकासी के वैज्ञानिक उपायों से कम होगा भूस्खलन का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आई भीषण प्राकृतिक आपदाओं से सबक लेते हुए नगर निगम मंडी ने छोटी काशी को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। शहर की संवेदनशील पहाड़ियों से पानी की सुरक्षित और वैज्ञानिक निकासी के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके पहले चरण में तीन प्रमुख पहाड़ियों पर करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। यह जानकारी सदर विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
अनिल शर्मा ने बताया कि बरसात के दौरान पहाड़ियों से अनियंत्रित तरीके से बहने वाला पानी शहर में भारी नुकसान पहुंचाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश सरकार को विभिन्न पहाड़ियों की पीपीआर (प्री-प्राइमरी रिपोर्ट) भेजी गई थी, जिनमें से तीन संवेदनशील क्षेत्रों के लिए मंजूरी मिल चुकी है। इनमें पिछले दो से तीन वर्षों में सबसे अधिक प्रभावित रहे जेल रोड, जोनल अस्पताल के समीप पैलेस कॉलोनी और विश्वकर्मा की पहाड़ी शामिल हैं।
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इस पूरी ड्रेनेज प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने के लिए आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। विशेषज्ञ क्षेत्र की भौगोलिक संरचना का अध्ययन कर एक टिकाऊ और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करेंगे। शहर में बढ़ती अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम की समस्या पर विधायक ने वाहन मालिकों से नियमों का पालन करने की अपील की। बेतरतीब खड़े वाहनों से जोनल अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस और जनता को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम की बैठक में प्रस्ताव पारित कर शहर की मुख्य सड़कों से लेकर जोनल अस्पताल तक के क्षेत्र को नो पार्किंग और नो हॉल्टिंग जोन घोषित करने का निर्णय लिया गया है।
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