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कॉलेज भवन पर आईआईटी का कब्जा
Mandi
Updated Wed, 09 Jul 2014 05:32 AM IST
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मंडी। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी भवन की कमी से जूझ रहा है। कहने को तो यह कॉलेज बड़े एवं पुराने कॉलेजों में शुमार है। लेकिन कॉलेज में छात्र दिक्कतों से जूझ रहे हैं। कॉलेज में नए सत्र की कक्षाओं में हजारों छात्रों ने दाखिला ले रखा है। लेकिन भवन की कमी के बीच छात्राें को कक्षाएं लगाने के लिए कमरे तक नसीब नहीं हो रहे। इससे अध्ययनरत छात्राें सहित कॉलेज प्रशासन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मंडी कॉलेज का अपना भवन आईआईटी के पास है। आईआईटी का कमांद में भवन बनकर तैयार हो चुका है। कक्षाएं भी कमांद में चल रही हैं। लेकिन बार-बार आग्रह के बावजूद आईआईटी प्रबंधन कॉलेज की बिल्डिंग को वापस करने में आनाकानी कर रहा है। कॉलेज में शिक्षकाें की पहले ही कमी चल रही है। रूसा के तहत कॉलेज में छात्रों को पढ़ाने के लिए करीब 40 शिक्षक कम हैं। कॉलेज में भवन का भी टोटा है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार कॉलेज में आर्ट्स संकाय के विभिन्न विषयों की कक्षाओं के लिए महज आठ ही हॉल उपलब्ध हैं। कक्षाएं और रूसा के तहत विषय अधिक हैं। मौजूदा समय में कॉलेज में पीजी की परीक्षाएं भी चली हुई हैं। इससे समस्या और बढ़ गई है। जिले के सबसे बड़े एवं पुराने कॉलेज मंडी में हजाराें छात्र पढ़ाई का सपना देखते हैं। नए सत्र के बीच ही करीब साढ़े पांच हजार छात्राें ने कॉलेज में दाखिला ले रखा है। लेकिन शुरुआत से ही छात्राें को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
जल्द करेंगे एमडी से बात
आर्ट्स संकाय की कक्षाओं को चलाने के लिए आठ ही हाल हैं। इससे भारी दिक्कत आ रही है। आईआईटी से कॉलेज की बिल्डिंग लौटाने का बार-बार आग्रह किया जा रहा है। अब तक कोई सुनवाई नहीं की गई है। अगले सप्ताह एमडी मंडी आएंगे। इस दौरान कॉलेज की बिल्डंग के मसले पर बात करेंगे।
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...एमएस जंबाल, प्राचार्य मंडी कॉलेज
मंडी कॉलेज का अपना भवन आईआईटी के पास है। आईआईटी का कमांद में भवन बनकर तैयार हो चुका है। कक्षाएं भी कमांद में चल रही हैं। लेकिन बार-बार आग्रह के बावजूद आईआईटी प्रबंधन कॉलेज की बिल्डिंग को वापस करने में आनाकानी कर रहा है। कॉलेज में शिक्षकाें की पहले ही कमी चल रही है। रूसा के तहत कॉलेज में छात्रों को पढ़ाने के लिए करीब 40 शिक्षक कम हैं। कॉलेज में भवन का भी टोटा है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार कॉलेज में आर्ट्स संकाय के विभिन्न विषयों की कक्षाओं के लिए महज आठ ही हॉल उपलब्ध हैं। कक्षाएं और रूसा के तहत विषय अधिक हैं। मौजूदा समय में कॉलेज में पीजी की परीक्षाएं भी चली हुई हैं। इससे समस्या और बढ़ गई है। जिले के सबसे बड़े एवं पुराने कॉलेज मंडी में हजाराें छात्र पढ़ाई का सपना देखते हैं। नए सत्र के बीच ही करीब साढ़े पांच हजार छात्राें ने कॉलेज में दाखिला ले रखा है। लेकिन शुरुआत से ही छात्राें को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
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जल्द करेंगे एमडी से बात
आर्ट्स संकाय की कक्षाओं को चलाने के लिए आठ ही हाल हैं। इससे भारी दिक्कत आ रही है। आईआईटी से कॉलेज की बिल्डिंग लौटाने का बार-बार आग्रह किया जा रहा है। अब तक कोई सुनवाई नहीं की गई है। अगले सप्ताह एमडी मंडी आएंगे। इस दौरान कॉलेज की बिल्डंग के मसले पर बात करेंगे।
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...एमएस जंबाल, प्राचार्य मंडी कॉलेज