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कोटली का शहल जंगल दहका
Mandi
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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कोटली (मंडी)। गर्मी की दस्तक के साथ ही जंगलाें के जलने का सिलसिला शुरू हो गया है। वन परिक्षेत्र कोटली के अंतर्गत मुराहधार वीट के शहल जंगल में वीरवार सुबह एकाएक आग लग गई। इसके चलते जंगल का एक बड़ा भाग आग की चपेट में आ गया। चीड़ का यह जंगल हर वर्ष आगजनी का दंश झेल रहा है, लेकिन सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि, आग लगने के कारणाें का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतें तो कभी अबूझ गलती से जंगल साल-दर-साल आग की भेंट चढ़ रहे हैं। जंगलाें को आगजनी से बचाने के लिए मुस्तैद विभागीय कर्मचारी जब तक स्पॉट पर पहुंचते हैं तब तक आग विकराल रूप धारण कर होती है। इससे सरकार तथा विभाग को जहां करोड़ों नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं जंगली जानवरों की कई प्रजातियों को भी विलुप्तता का प्रबल खतरा मंडरा रहा है। इस वन रेंज में आगजनी की इसी वर्ष यह तीसरी घटना है। वीरवार सुबह करीब दस बजे तीसरी दफा वीट के तहत शहल जंगल में आग लगी। आगजनी की घटनाओं ने विभाग को सोचने पर मजबूर कर दिया है। घटना का पता चलते ही विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने में जुट गए। इधर, रेंज अफसर धर्म चंद कौंडल ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। उन्होेंने बताया कि कड़क धूप में तेज हवा के बीच आग पर काबू पाना मुश्किल है। उन्होंने स्थानीय लोगों से वन संपदा को आगजनी से बचाने के लिए हर संभव सहयोग का आग्रह किया है। खबर लिखे जाने तक वन विभाग के कर्मचारी भरसक प्रयासाें के बावजूद आग पर काबू पाने में सफल नहीं हो पाए थे।
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