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प्रशिक्षुओं ने किया कक्षाओं का बहिष्कार
Mandi
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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मंडी। टेट के विरोध में मंडी डाइट के प्रशिक्षुओं ने बुधवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया। इस मुद्दे पर डाइट प्रशिक्षुओं की बैठक भी हुई। इसमें प्रशिक्षुओं ने शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये की कड़ी निंदा की। वहीं निर्णय लिया गया है कि अगर सरकार जेबीटी प्रशिक्षुओं की जायज मांगाें को नहीं मानती है तो सरकार के खिलाफ शिमला में प्रदर्शन किया जाएगा। सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा।
जेबीटी प्रशिक्षुओं का कहना है कि जून, 2010 को जेबीटी के दो वर्षीय प्रशिक्षण के लिए करीब एक लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इसमें दो प्रतिशत छात्रों का चयन हुआ। बावजूद इसके सरकार पात्र छात्राें की योग्यता को नजरअंदाज कर मनमाने नियम लागू कर रही है। डाइट अध्यक्ष राजेंद्र सकलानी ने कहा कि यदि सरकार और विभाग को लगता है कि प्रशिक्षु प्रशिक्षण के पश्चात भी अध्यापन के लिए योग्य नहीं हैं तो उन्हें टेट नहीं बल्कि ट्रेनिंग प्रोसेस बदलना चाहिए। प्रशिक्षुआें ने सरकार तथा विभाग से टेट के निर्णय को युवाआें के भविष्य से खिलवाड़ करार देते हुए निर्णय को बदलने की मांग की।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष सुरेंद्र भारद्वाज, सचिव दिनेश, सह सचिव कर्ण आदि भी उपस्थित थे।
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जेबीटी प्रशिक्षुओं का कहना है कि जून, 2010 को जेबीटी के दो वर्षीय प्रशिक्षण के लिए करीब एक लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इसमें दो प्रतिशत छात्रों का चयन हुआ। बावजूद इसके सरकार पात्र छात्राें की योग्यता को नजरअंदाज कर मनमाने नियम लागू कर रही है। डाइट अध्यक्ष राजेंद्र सकलानी ने कहा कि यदि सरकार और विभाग को लगता है कि प्रशिक्षु प्रशिक्षण के पश्चात भी अध्यापन के लिए योग्य नहीं हैं तो उन्हें टेट नहीं बल्कि ट्रेनिंग प्रोसेस बदलना चाहिए। प्रशिक्षुआें ने सरकार तथा विभाग से टेट के निर्णय को युवाआें के भविष्य से खिलवाड़ करार देते हुए निर्णय को बदलने की मांग की।
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इस अवसर पर उपाध्यक्ष सुरेंद्र भारद्वाज, सचिव दिनेश, सह सचिव कर्ण आदि भी उपस्थित थे।