{"_id":"5aef3ad64f1c1b84098b8912","slug":"71525627606-mandi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार सिपाहियों के हवाले 11 पंचायतों की सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार सिपाहियों के हवाले 11 पंचायतों की सुरक्षा
Updated Sun, 06 May 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंडोह (मंडी)। मंडी सदर की पंडोह पुलिस चौकी इन दिनों 4 सिपाहियों के हवाले है। स्टाफ की कमी के कारण पंडोह क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। 11 पंचायतों की हजारों की आबादी वाले इस क्षेत्र में जानमाल की सुरक्षा इन दिनों मात्र 4 सिपाहियों, 2 मुख्य आरक्षियों और एक अधिकारी के सहारे है। जो सरकारी मानकों के अनुसार कम हैं। पंचायत प्रधान पंडोह शीला देवी, प्रधान जागर रमेश कुमार, उपप्रधान सयोग, प्रधान मझवाड, धार, नागधार सहित स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से जनहित में पंडोह पुलिस चौकी में पूरा स्टाफ देने की मांग की है। वर्ष 1962 में पंडोह पुलिस चौकी आरंभ हुई। इस चौकी को आज तक पुलिस थाने में अपग्रेड नहीं किया गया, जबकि आस-पास जंजैहली जैसे क्षेत्र की चौकी को पुलिस थाने का दर्जा दिया जा चुका है। यदि समय रहते पंडोह पुलिस चौकी थाने के रूप अपग्रेड हुई होती तो शायद पंडोह क्षेत्र में चोरियों और आपराधिक घटनाओं का ग्राफ कम होता। लोगों का जान-माल भी अधिक सुरक्षित होता। सभी जनप्रतिनिधियों ने सरकार से पंडोह पुलिस चौकी को अपग्रेड करने की मांग की है। इस बारे में पंडोह पुलिस चौकी के मुख्य आरक्षी जगदीश ने बताया कि चौकी में 9 सिपाही होते हैं, जबकि पंडोह में इन दिनों मात्र 4 ही सिपाही हैं, जो इतने बड़े और दुर्गम क्षेत्र में गश्त नहीं कर सकते। पुलिस फिर भी पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है।
विज्ञापन