फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   03 अप्रैल को विधानसभा घेरने को तैयार धर्मपुर के किसान

03 अप्रैल को विधानसभा घेरने को तैयार धर्मपुर के किसान

Wed, 21 Mar 2018 10:48 PM IST
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
03 अप्रैल को विधानसभा घेरने को तैयार धर्मपुर के किसान
farmer shimla
धर्मपुर/सरकाघाट (मंडी)। हिमाचल किसान सभा धर्मपुर खंड कमेटी की बैठक में 3 अप्रैल को विधानसभा में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान रणताज राणा ने कहा कि राज्यस्तरीय प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया जाएगा। प्रत्येक वार्ड से दस दस लोगों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बैठक में कहा गया कि किसानों की समस्याएं जस की तस हैं। कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में मांगों के समाधान के लिए कोई संतोषजनक कार्य नहीं किया है। वर्तमान सरकार भी उसी राह पर चल रही है। पहले बजट में अधिकांश मांगें दरकिनार हुई हैं। बैठक में भूपेंद्र सिंह, मोहन लाल, मिलाप चंदेल, हुक्म शर्मा, विधि चंद, कर्म सिंह, बाला राम, प्रकाश ठाकुर, जगदीश ठाकुर, बलदेव ठाकुर, श्रवण सिंह, करतार सिंह, धर्मचंद पठानिया, रामचंद, रूपलाल चौहान, बलदेव सिंह, अमर सिंह, मेहर सिंह, सूरत सकलानी, शंभू सकलानी, पृथी सिंह, कृष्ण देव, टेक सिंह, हजारी लाल, जगत सिंह, परमानंद भाटिया, रूपलाल बिष्ट, टोडरमल, रूप चंद, सुरेंद्र पाल, रमेल चंद, नत्थू राम, राकेश कुमार, राजेंद्र सिंह, कश्मीर सिंह, तारा चंद, कश्मीर सिंह आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन


इन समस्याओं को गिनाया
किसान सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि बंदरों के अलावा सूअर और लावारिस पशुओं की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। लावारिस पशुओं के कहर के कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। नतीजतन पारंपरिक खेतीबाड़ी से किसान पलायन करने लगे हैं।
विज्ञापन


यह उठाई मांगें
किसान सभा ने पशुओं को दूसरे राज्यों में ले जाने वाली रोक तुरंत हटाने की मांग उठाई। गरीब किसानों को पांच बीघा जमीन देने और उनके कब्जे वाली भूमि उनके नाम नियमित करने की भी मांग सरकार से की जाएगी। मांग उठाई कि बंदरों को मारने के लिए अभियान चलाया जाए और उसके लिए विशेष टास्क फोर्स तैनात की जाए। बंदरों के निर्यात पर लगी रोक हटाई जाए। जो किसान स्वयं बंदरों को मारने के लिए तैयार हैं, उन्हें आसान शर्तों और सस्ती दरों पर बंदूकें और गोला बारूद दिया जाए। इसके अलावा बंदरों की ओर से किए जा रहे नुकसान का मुआवजा दिया जाए और फसल रखवाली का कार्य मनरेगा में शामिल किए जाने की मांग उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed