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कोटरोपी में 19 घंटे बंद रहा हाईवे वैकल्पिक मार्गों में यातायात अवरुद्ध
Updated Fri, 24 Aug 2018 10:56 PM IST
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
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पधर (मंडी)। भारी बारिश के चलते मंडी-पठानकोट एनएच कोटरोपी के पास करीब 19 घंटे तक बंद रहा। इस वैकल्पिक मार्ग भी बाधित रहे। इससे सैकड़ों यात्री जाम में फंसे रहे। भारी बारिश को देखते हुए पधर उपमंडल में डीसी मंडी ने कॉलेज और आईटीआई संस्थान को छोड़कर स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। कुछ बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे, जिन्हें वापस घर भेजा। मूसलाधार बारिश ने पराशर मार्ग पर बागी नाले में एक बार फिर तबाही मचाई।
वीरवार रात दस बजे कोटरोपी में हाईवे बंद हुआ। मलबा आने से अस्थायी सड़क बह गई। मार्ग को शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे बहाल किया गया। दोनों वैकल्पिक मार्ग भी दिनभर बंद रहे। इसके चलते वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बागी-पराशर में बादल फटने के कारण बागी नाले में भारी बाढ़ आ जाने से तबाही हुई है। यहां पर भारी भरकम पेड़ ढह गए हैं और सड़कों पर भी कई स्थानों पर ल्हासे गिरे हैं। कई मकानों में मलबा आ जाने से नुकसान पहुंचा है।
उपमंडल पधर की अधिकतर सड़कें ल्हासे और चट्टानें गिरने से बंद रही।ं बीएंडआर के कर्मचारी और अधिकारी पठानकोट-मंडी एनएच सहित दोनों वैकल्पिक मार्गोँ को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करते नजर आए। शाम तक कई सड़कें बहाल हो गई थीं, जबकि कई सड़कों पर अभी तक आवाजाही नहीं हो पा रही थी। उधर, वैकल्पिक मार्ग पधर-जोगिंद्रनगर वाया नौहली और पधर-घटासनी वाया घोघरधार भी बंद रहे। दोपहर बाद पधर- घटासनी वाया घोघरधार मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोला गया, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही बंद थी। मैगल के पास भी ल्हासा गिरने से सड़क बार-बार बंद होती रही। कोटरोपी के पास एनएचएआई की ओर से बनाया गया डायवर्सन नाले की भेंट चढ़ गया। यहां पाइप डाल कर नाले के पानी की निकासी की गई। अगर विभाग ने नाले में पाइप पहले ही डाल दिए होते तो शायद कोटरोपी सड़क बंद न होती। उधर, सतीश नाग तकनीकी एडवाइजर एनएचएआई ने कहा कि नाले का जलस्तर बढ़ने के कारण सड़क बह गई थी। इसे अब नाले में पाइप डाल कर बहाल कर दिया है। पानी की निकासी के लिए यहां स्थायी प्रबंध किए जाएंगे, जिसके लिए मशीनरी यहां तैनात रहेगी।
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वीरवार रात दस बजे कोटरोपी में हाईवे बंद हुआ। मलबा आने से अस्थायी सड़क बह गई। मार्ग को शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे बहाल किया गया। दोनों वैकल्पिक मार्ग भी दिनभर बंद रहे। इसके चलते वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बागी-पराशर में बादल फटने के कारण बागी नाले में भारी बाढ़ आ जाने से तबाही हुई है। यहां पर भारी भरकम पेड़ ढह गए हैं और सड़कों पर भी कई स्थानों पर ल्हासे गिरे हैं। कई मकानों में मलबा आ जाने से नुकसान पहुंचा है।
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उपमंडल पधर की अधिकतर सड़कें ल्हासे और चट्टानें गिरने से बंद रही।ं बीएंडआर के कर्मचारी और अधिकारी पठानकोट-मंडी एनएच सहित दोनों वैकल्पिक मार्गोँ को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करते नजर आए। शाम तक कई सड़कें बहाल हो गई थीं, जबकि कई सड़कों पर अभी तक आवाजाही नहीं हो पा रही थी। उधर, वैकल्पिक मार्ग पधर-जोगिंद्रनगर वाया नौहली और पधर-घटासनी वाया घोघरधार भी बंद रहे। दोपहर बाद पधर- घटासनी वाया घोघरधार मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोला गया, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही बंद थी। मैगल के पास भी ल्हासा गिरने से सड़क बार-बार बंद होती रही। कोटरोपी के पास एनएचएआई की ओर से बनाया गया डायवर्सन नाले की भेंट चढ़ गया। यहां पाइप डाल कर नाले के पानी की निकासी की गई। अगर विभाग ने नाले में पाइप पहले ही डाल दिए होते तो शायद कोटरोपी सड़क बंद न होती। उधर, सतीश नाग तकनीकी एडवाइजर एनएचएआई ने कहा कि नाले का जलस्तर बढ़ने के कारण सड़क बह गई थी। इसे अब नाले में पाइप डाल कर बहाल कर दिया है। पानी की निकासी के लिए यहां स्थायी प्रबंध किए जाएंगे, जिसके लिए मशीनरी यहां तैनात रहेगी।
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