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Mandi News: मंडी के 50 हजार लोगों को मिलेगी राहत, ऊहल पेयजल योजना की लाइन बदलेगी
Sat, 13 Dec 2025 07:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 13 Dec 2025 07:19 AM IST
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स्काेर पेयजल लाइन संबंधी जायजा लेते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री व अन्य। स्त्रोत- जनसंप
मंडी। शहर की प्यास बुझाने वाली ऊहल पेयजल योजना अब बार-बार बाधित नहीं होगी। इसकी स्कोर के पास अलाइनमेंट बदलेगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को इस समस्या के स्थायी समाधान के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के लोगों को निर्बाध पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उप-मुख्यमंत्री ने मंडी शहर के लिए ऊहल नदी से बनी योजना की मुख्य पाइपलाइन का निरीक्षण स्कोर गांव के पास किया। दरअसल हाल ही में आई आपदा और बरसात के दौरान पहाड़ दरकने से इस 28 किलोमीटर लंबी लाइन को कई जगहों पर भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे शहर की जलापूर्ति बार-बार ठप हो रही थी।
उप-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि यह योजना शहर की जीवनरेखा है, इसलिए इसके स्थायीकरण में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर मौसम में लोगों को पानी मिलता रहे। इस दौरान जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र वैद्य ने प्रस्तावित कार्य का पूरा खाका पेश किया। मौके पर मिल्क फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष चेतराम ठाकुर, एसडीएम रूपिंद्र कौर और विभाग के अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
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आईआईटी मंडी की सलाह पर बदलेगा रूट
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी की विशेषज्ञ टीम से इसका निरीक्षण करवाया गया था। विशेषज्ञों के सुझाव पर अब लाइन के री-अलाइनमेंट का कार्य जारी है। भूस्खलन वाले खतरनाक हिस्से को छोड़कर (बाइपास करते हुए) 970 मीटर लंबी नई ग्रैविटी मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह नई पाइपलाइन 450 मिलीमीटर व्यास की होगी।
16 एमएलडी पानी की होती है सप्लाई
जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रियागड़ी से मंडी तक आने वाली इस योजना से प्रतिदिन 16 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) पानी की आपूर्ति होती है। इस पर शहर की 50 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। स्कोर गांव के पास करीब 300 मीटर का हिस्सा भूस्खलन की जद में है, जिसे अब बाइपास किया जाएगा। इससे बार-बार होने वाली मरम्मत का खर्च भी बचेगा और सप्लाई भी नहीं रुकेगी।
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उप-मुख्यमंत्री ने मंडी शहर के लिए ऊहल नदी से बनी योजना की मुख्य पाइपलाइन का निरीक्षण स्कोर गांव के पास किया। दरअसल हाल ही में आई आपदा और बरसात के दौरान पहाड़ दरकने से इस 28 किलोमीटर लंबी लाइन को कई जगहों पर भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे शहर की जलापूर्ति बार-बार ठप हो रही थी।
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उप-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि यह योजना शहर की जीवनरेखा है, इसलिए इसके स्थायीकरण में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर मौसम में लोगों को पानी मिलता रहे। इस दौरान जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र वैद्य ने प्रस्तावित कार्य का पूरा खाका पेश किया। मौके पर मिल्क फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष चेतराम ठाकुर, एसडीएम रूपिंद्र कौर और विभाग के अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
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आईआईटी मंडी की सलाह पर बदलेगा रूट
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी की विशेषज्ञ टीम से इसका निरीक्षण करवाया गया था। विशेषज्ञों के सुझाव पर अब लाइन के री-अलाइनमेंट का कार्य जारी है। भूस्खलन वाले खतरनाक हिस्से को छोड़कर (बाइपास करते हुए) 970 मीटर लंबी नई ग्रैविटी मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह नई पाइपलाइन 450 मिलीमीटर व्यास की होगी।
16 एमएलडी पानी की होती है सप्लाई
जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रियागड़ी से मंडी तक आने वाली इस योजना से प्रतिदिन 16 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) पानी की आपूर्ति होती है। इस पर शहर की 50 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। स्कोर गांव के पास करीब 300 मीटर का हिस्सा भूस्खलन की जद में है, जिसे अब बाइपास किया जाएगा। इससे बार-बार होने वाली मरम्मत का खर्च भी बचेगा और सप्लाई भी नहीं रुकेगी।