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बदहाल सड़क से ज्यूणी घाटी जाने से कतरा रहे सैलानी
Updated Fri, 14 Dec 2018 11:17 PM IST
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चैलचौक (मंडी)। नाचन विधानसभा क्षेत्र की कोट-देवीदहड़ सड़क बदहाल होने से सैलानी ज्यूणी घाटी जाने से कतरा रहे हैं। इससे पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ज्युणी घाटी में धंगयारा और देवीदहड़ दार्शनिक स्थल हैं। यहां पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है मगर सड़क पर पड़े गड्ढे सैलानियों के कदमों को रोक रहे हैं। इससे क्षेत्र की एक दर्जन पंचायतों के निवासी भी परेशान हैं। कोट से लेकर जहल तक सड़क की बुरी हालत है। इस सड़क के तहत नौण, शाला, तुना, धिश्ती, जहल, कांढी कमरूनाग समेत आसपास की अनेक पंचायतों की आबादी आवागमन करती है। रोजाना इस सड़क पर करीब एक दर्जन बसें चलती हैं। सड़क की खराब दशा से वाहन चालकों समेत आसपास के लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की धूल सीधे लोगों के घरों में पहुंचती है। इससे अनेक मकानों की हालत खराब हो गई है। ग्रामीणों प्रेम सिंह ठाकुर, मुरारी लाल, जितेंद्र कुमार, रणजीत सिंह, खेम सिंह ठाकुर, निर्मल सिंह ठाकुर और किशोरी लाल ने सरकार से कोट-देवीदहड़ सड़क के लिए बजट मुहैया करवाने की मांग की है।
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विशेष बजट मिले तो करेंगे टारिंग : रमेश सिंह
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता रमेश सिंह खालसा ने कहा कि कोट-देवीदहड़ सड़क के लिए जितना भी पैसा आता है उसे सड़क की मरम्मत के लिए लगाया जाता है। सरकार अगर इस सड़क के लिए विशेष बजट का प्रावधान करती है तो टेंडर लगाकर सड़क में नई टारिंग की जाएगी।
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पर्यटन पर पड़ रहा असर
कोट-देवीदहड़ सड़क ज्युणी घाटी से होकर निकलती है। इसकी खस्ताहालत के चलते यहां का पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। इस सड़क के माध्यम से जो भी ज्युणी घाटी में घूमने आता है वह सड़क में हिचकोले खाने के बाद दूसरी बार वापस नहीं आता है। इससे पर्यटक भी ज्यूणी घाटी से दूर होने लगे हैं। ज्यूणी घाटी में धंगयारा और देवीदहड़ दार्शनिक स्थल हैं।
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ज्यूणी घाटी में नकदी फसलों का होता है करोड़ों का कारोबार
ज्यूणी घाटी में नकदी फसलों का करोड़ों का उत्पादन होता है। रबी और खरीफ सीजन में सैकड़ों वाहन किसानों और बागवानों की फसलों को लेकर दूसरे राज्यों में जाते हैं। सड़क की दशा खराब होने से ट्रक और टेंपो चालक ज्यूणी घाटी में प्रवेश करने में संकोच करते हैं। इससे मंडियों में समय पर उत्पाद नहीं पहुंच पाता।
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विशेष बजट मिले तो करेंगे टारिंग : रमेश सिंह
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता रमेश सिंह खालसा ने कहा कि कोट-देवीदहड़ सड़क के लिए जितना भी पैसा आता है उसे सड़क की मरम्मत के लिए लगाया जाता है। सरकार अगर इस सड़क के लिए विशेष बजट का प्रावधान करती है तो टेंडर लगाकर सड़क में नई टारिंग की जाएगी।
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पर्यटन पर पड़ रहा असर
कोट-देवीदहड़ सड़क ज्युणी घाटी से होकर निकलती है। इसकी खस्ताहालत के चलते यहां का पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। इस सड़क के माध्यम से जो भी ज्युणी घाटी में घूमने आता है वह सड़क में हिचकोले खाने के बाद दूसरी बार वापस नहीं आता है। इससे पर्यटक भी ज्यूणी घाटी से दूर होने लगे हैं। ज्यूणी घाटी में धंगयारा और देवीदहड़ दार्शनिक स्थल हैं।
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ज्यूणी घाटी में नकदी फसलों का होता है करोड़ों का कारोबार
ज्यूणी घाटी में नकदी फसलों का करोड़ों का उत्पादन होता है। रबी और खरीफ सीजन में सैकड़ों वाहन किसानों और बागवानों की फसलों को लेकर दूसरे राज्यों में जाते हैं। सड़क की दशा खराब होने से ट्रक और टेंपो चालक ज्यूणी घाटी में प्रवेश करने में संकोच करते हैं। इससे मंडियों में समय पर उत्पाद नहीं पहुंच पाता।
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