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नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से रुकेगा शिक्षा का व्यापारीकरण : दर्शन
Updated Tue, 19 Jun 2018 10:45 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लगेगी। यह बात नर्सरी बेरोजगार अध्यापिका संघ की बैठक में विशेष रूप से शामिल हुए हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने कही।
सुंदरनगर के कनैड में संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता नर्सरी बेरोजगार अध्यापिका संघ की जिला प्रधान आपा राणा ने की। जबकि, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ जिला मंडी के प्रधान भगत चंदेल विशेष तौर पर बैठक में उपस्थित रहे। इस अवसर पर दर्शन लाल ने कहा कि नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से बच्चों का प्रवेश 3 साल में हो जाएगा। जिससे सरकारी और निजी स्कूलों में प्रवेश आयु के रूप में चल रही सबसे बड़ी असमानता समाप्त हो जाएगी। वर्तमान परिवेश के चलते सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं न होने के कारण निजी स्कूलों में बच्चे 3 साल में ही दाखिल हो जाते हैं। जिसके चलते बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं आ पाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में आमतौर पर बच्चों को ढाई-तीन साल की उम्र में ही खेल-खेल के बहाने स्कूल भेजने का चलन हो गया है। इस क्रम में सरकारी स्कूलों में 3 साल में नर्सरी की व्यवस्था न होने के कारण माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला लेना पड़ता है। जिसमें निजी स्कूलों की ओर से वसूली जाने वाली मनचाही फीस के चलते उनका आर्थिक दोहन होता है। बैठक में नर्सरी संघ की जिला मंडी की अध्यक्षा आपा राणा ने नर्सरी कक्षाएं शुरू करने के निर्णय के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। कहा कि इस निर्णय से हजारों नर्सरी बेरोजगार अध्यापिकाओं को उनके भविष्य को लेकर आस जगी है। लंबे समय से बेरोजगारी की मार झेल रही हजारों बेरोजगार अध्यापिकाएं बहुत मुश्किल से अपना जीवन यापन कर रही हैं। संघ का एक शिष्टमंडल जल्द प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मिलकर उनसे जल्द नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति की मांग करेगा। बैठक में उपप्रधान मधु बाला, सचिव अंजली, संगठन सचिव लीला ठाकुर, रमा ठाकुर, रश्मी और चंद्रा देवी सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
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सुंदरनगर के कनैड में संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता नर्सरी बेरोजगार अध्यापिका संघ की जिला प्रधान आपा राणा ने की। जबकि, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ जिला मंडी के प्रधान भगत चंदेल विशेष तौर पर बैठक में उपस्थित रहे। इस अवसर पर दर्शन लाल ने कहा कि नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू होने से बच्चों का प्रवेश 3 साल में हो जाएगा। जिससे सरकारी और निजी स्कूलों में प्रवेश आयु के रूप में चल रही सबसे बड़ी असमानता समाप्त हो जाएगी। वर्तमान परिवेश के चलते सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं न होने के कारण निजी स्कूलों में बच्चे 3 साल में ही दाखिल हो जाते हैं। जिसके चलते बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं आ पाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में आमतौर पर बच्चों को ढाई-तीन साल की उम्र में ही खेल-खेल के बहाने स्कूल भेजने का चलन हो गया है। इस क्रम में सरकारी स्कूलों में 3 साल में नर्सरी की व्यवस्था न होने के कारण माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला लेना पड़ता है। जिसमें निजी स्कूलों की ओर से वसूली जाने वाली मनचाही फीस के चलते उनका आर्थिक दोहन होता है। बैठक में नर्सरी संघ की जिला मंडी की अध्यक्षा आपा राणा ने नर्सरी कक्षाएं शुरू करने के निर्णय के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। कहा कि इस निर्णय से हजारों नर्सरी बेरोजगार अध्यापिकाओं को उनके भविष्य को लेकर आस जगी है। लंबे समय से बेरोजगारी की मार झेल रही हजारों बेरोजगार अध्यापिकाएं बहुत मुश्किल से अपना जीवन यापन कर रही हैं। संघ का एक शिष्टमंडल जल्द प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मिलकर उनसे जल्द नर्सरी अध्यापिकाओं की नियुक्ति की मांग करेगा। बैठक में उपप्रधान मधु बाला, सचिव अंजली, संगठन सचिव लीला ठाकुर, रमा ठाकुर, रश्मी और चंद्रा देवी सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
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