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जिले में 1797 आंगनबाड़ी केंद्र रहे बंद, नौनिहालों को नहीं मिला पोषाहार
Updated Thu, 07 Jun 2018 10:28 PM IST
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मांगों को लेकर शिमला में हड़ताल पर थीं कार्यकर्ता और सहायिकाएं
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
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मंडी। जिले में आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिकाओं की हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला। जिले के 10 ब्लॉकों में हर ब्लाक में अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। जिले में कुल 3004 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। वीरवार को हड़ताल के चलते 1797 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। प्रदेश में आंगनबाड़ी वर्कर वेतन और अन्य सुविधाओं की मांगों को वीरवार को हड़ताल पर थीं।
शिमला में प्रदेशव्यापी हड़ताल में मंडी जिला से सैकड़ों कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने भाग लिया। लंबे अरसे से यूनियन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने की मांग कर रही है। इस पर सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिलास्तर पर प्रदर्शन करने के बाद अब प्रदेशव्यापी हड़ताल की गई थी। इससे जिले के 1797 आंगनबाड़ी केंद्रों में न तो पढ़ाई हुई और न बच्चों को पोषाहार मिला। महिला एवं बाल विकास मंडी के कार्यकारी डीपीओ कृष्ण पाल ने कहा कि जिले में 1797 आंगनबाड़ी केंद्र हड़ताल के चलते बंद रहे हैं।
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