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बच्चों को स्कूल लाने वाले वाहनों को टैक्स में छूट दे सरकार
Updated Fri, 04 May 2018 11:05 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के कार्य में लगे वाहन मालिकों ने शुक्रवार को सुंदरनगर में भद्रकाली वाहन ऑपरेटर यूनियन का गठन किया है। जिसमें सर्वसम्मति से रविंद्र कुमार को प्रधान चुना गया है। जबकि, पीतांबर लाल पालू को उपप्रधान, गीता प्रकाश को कोषाध्यक्ष और मंगल सिंह को अड्डा इंचार्ज चुना गया है। कार्यकारिणी सदस्यों में पूर्णचंद, चंदू, श्याम लाल, सुनील कुमार, प्रिंस, मिंटू और सुभाष को शामिल किया गया है। इस मौके पर नवनिर्वाचित प्रधान रविंद्र कुमार ने सभी ऑपरेटर सदस्यों से आह्वान किया कि वह प्रदेश सरकार की ओर से स्कूली बच्चों को छोड़ने और ले जाने के कार्य में लगे वाहनों के लिए निर्धारित किए गए नियमों का पूरी तरह से पालना करें। कोई भी ऑपरेटर ओवरलोडिंग न करे।
प्रस्ताव पारित कर सरकार से मांग की गई कि स्कूलों में बच्चों को लाने व ले जाने के कार्य में लगे वाहनों का टैक्स सरकार माफ करें। ऑपरेटरों ने कहा कि सरकार के नये नियम के कारण अब ओवरलोडिंग नहीं की जा सकती है। जिसके कारण वाहनों में बच्चों की संख्या में भारी कटौती करनी पड़ी है। नियमानुसार चलने के बाद ऑपरेटरों का खर्च कहीं भी कम नहीं हुआ है। जिसके कारण बच्चों के किराये में उन्हें मजबूरन बढ़ोतरी करनी पड़ी है। जबकि उन्होंने यह कदम लालच में नहीं बल्कि मजबूरी में उठाया है अन्यथा उनसे माह भर काम करने के बाद भी अपने परिवार के लिए रोजी रोटी का जुगाड़ न हो सकेगा। अगर ऐसा हुआ तो उन्हें यह काम छोड़ना भी पड़ सकता है। जिससे अभिभावकों और बच्चों दोनों को ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस वर्ग को राहत देने के लिए रोड टैक्स और अन्य टैक्स पर छूट देने की मांग की है। जिससे वह सरकार के नियमों का पालन करते हुए अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन कर सकें। बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही इस मांग को लेकर यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ मिलकर उन्हें अपना मांग पत्र भी सौंपेगा।
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प्रस्ताव पारित कर सरकार से मांग की गई कि स्कूलों में बच्चों को लाने व ले जाने के कार्य में लगे वाहनों का टैक्स सरकार माफ करें। ऑपरेटरों ने कहा कि सरकार के नये नियम के कारण अब ओवरलोडिंग नहीं की जा सकती है। जिसके कारण वाहनों में बच्चों की संख्या में भारी कटौती करनी पड़ी है। नियमानुसार चलने के बाद ऑपरेटरों का खर्च कहीं भी कम नहीं हुआ है। जिसके कारण बच्चों के किराये में उन्हें मजबूरन बढ़ोतरी करनी पड़ी है। जबकि उन्होंने यह कदम लालच में नहीं बल्कि मजबूरी में उठाया है अन्यथा उनसे माह भर काम करने के बाद भी अपने परिवार के लिए रोजी रोटी का जुगाड़ न हो सकेगा। अगर ऐसा हुआ तो उन्हें यह काम छोड़ना भी पड़ सकता है। जिससे अभिभावकों और बच्चों दोनों को ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस वर्ग को राहत देने के लिए रोड टैक्स और अन्य टैक्स पर छूट देने की मांग की है। जिससे वह सरकार के नियमों का पालन करते हुए अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन कर सकें। बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही इस मांग को लेकर यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ मिलकर उन्हें अपना मांग पत्र भी सौंपेगा।
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