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सूबे में प्रस्तावित आठ मातृ शिशु अस्पतालों में बनेंगे रिकवरी रूम

Tue, 30 Jan 2018 11:10 PM IST
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:10 PM IST
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सूबे में प्रस्तावित आठ मातृ शिशु अस्पतालों में बनेंगे रिकवरी रूम
मंडी। सरकारी अस्प्तालों में प्रसव के बाद जच्चा बच्चा की सुरक्षा अधिक बेहतर तरीके से होगी। डिलीवरी के तुरंत बाद मां और शिशु को गायनी वार्ड के बजाय सीधे रिकवरी रूम में भेजा जाएगा। जहां जच्चा बच्चा को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। हाल ही में प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को फर्श में लेटाने जैसे संगीन मामले में एक शिशु की जान चली गई थी। जिससे प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हुई थी। लिहाजा केंद्र सरकार ने हिमाचल में प्रस्तावित मातृ शिशु अस्पताल के भवनों के निर्माण में एलडीआर (लेबर डिलीवरी रिकवरी) कंसेप्ट के आधार पर बदलाव किया है। इस कंसेप्ट के आधार पर अब इन अस्पतालों में रिकवरी रूम भी बनाए जाएंगे। पहले इन अस्पतालों में महज लेबर और वार्ड रूम ही प्रस्तावित थे। सूबे में केंद्र सरकार ने आठ मातृ शिशु अस्पतालों के लिए स्वीकृति प्रदान की है। कुछेक अस्पतालों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं, कुछ अस्पतालों का निर्माण अभी शुरू होना बाकी है। केंद्र सरकार ने इन अस्पतालों के भवनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान कर दी है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत इन अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन की गाइडलाइन पर अस्पतालों के नक्शों को बदलने के लिए निदेशालय के निर्देशों पर संबंधित अस्पताल प्रबंधन ने बदलाव के लिए कमेटियां गठित कर ली है। जिससे अब इन अस्पतालों में क्षमता मरीजों को दाखिल करने की क्षमता बढ़ जाएगी। वहीं, डिलीवरी के बाद महिलाओं को सीधा वार्ड में भेजने की बजाए रिकवरी रूम में रखा जाएगा।
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बच्चों सेहत, नियमों को पूरा करने को बदलाव
जच्चा बच्चा की सेहत से खिलवाड़ न हो इसके लिए एनएचएम ने यह अहम बदलाव किए है। गत दिनों जोनल अस्पताल में एक बच्ची ने ठंडे फर्श पर बिलख-बिलख कर दम तोड़ दिया था। इस तरह की पुख्ता व्यवस्था होने से नवजात बच्चों को इन रिकवरी रूम डाक्टर के निरीक्षण में रखा जाएगा। इसके बाद ही वार्ड में जच्चा बच्चा को शिफ्ट कर कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में एडमिट रखा जाएगा। 48 घंटे तक मां बच्चे को अस्पताल में रखने का नियम भी इन अस्पतालों के निर्माण के बाद सख्ती से पूरा हो सकेगा।
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100 करोड़ से अधिक बजट मिला : परमार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि बिलासपुर, नुरपुर, कुल्लू , टांडा मेडिकल कॉलेज, आईजीएमसी शिमला, मंडी, सुंदरनगर, ऊना में मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर एनएचएम की गाइडलाइन के आधार पर ही निर्माण किया जाएगा। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत ही मातृ शिशु अस्पतालों के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपए से अधिक का बजट जारी किया है।
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एलडीआर कंसेप्ट पर होगा निर्माण : सीएमओ
सीएमओ मंडी डाक्टर देशराज ने कहा कि निदेशालय के निर्देशों पर भवन के नक्शे में बदलाव के लिए कमेटी का गठन किया गया है। अब एलडीआर कंसेप्ट पर भवन का निर्माण किया जाएगा। जिसमें रिकवरी रूम का निर्माण भी होगा।
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