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सात साल से नहीं बनी सिंचाई योजना
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टिहरा (मंडी)। धर्मपुर क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत सज्याओपिपलू के पिपली गांव की सिंचाई योजना मात्र शिलान्यास पट्टिका तक ही सीमित रह गई है। इसके कारण लोगों को अपने खेतों की सिंचाई से वंचित रहना पड़ रहा है। इस सिंचाई योजना का शिलान्यास 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था, लेकिन विडंबना यह है कि सात सालों से यह सिंचाई योजना वहीं की वहीं है।
योजना की लागत 97.31 लाख थी। इसमें 32.62 हेक्टेयर भूमि सिंचित होनी थी। क्षेत्र के बलवीर सिंह, आदित्य, मेघनाथ, पुष्पराज, विजय कुमार, राजमल, भाग सिंह, प्यारे लाल, बलवंत सिंह, विक्रम सिंह, देशराज, त्रिलोक सिंह, तिलक राज, सोहन सिंह, पवन कुमार, राजेश कुमार, दीप कुमार, सुनील कुमार, बिहारी लाल, प्रकाश चंद, कृष्ण, राजकुमार, हेमराज, हंसराज, जगदेव, चमारू राम, मेजर सिंह, मेहर सिंह, पृथी पाल, दमोदर सिंह, सहित कई लोगों का कहना है कि विभाग और सरकार को ऐसे कोई वादे नहीं करने चाहिए, जो पूरे न हो सकें। लोगों ने विभाग व सरकार से मांग की है कि शीघ्र योजना को अमलीजामा पहनाया जाए। उधर, अधिशासी अभियंता मुकेश हीरा ने कहा कि योजना का टेंडर हुआ था, लेकिन ठेकेदार काम पूरा करने में असफल रहे हैं। ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
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योजना की लागत 97.31 लाख थी। इसमें 32.62 हेक्टेयर भूमि सिंचित होनी थी। क्षेत्र के बलवीर सिंह, आदित्य, मेघनाथ, पुष्पराज, विजय कुमार, राजमल, भाग सिंह, प्यारे लाल, बलवंत सिंह, विक्रम सिंह, देशराज, त्रिलोक सिंह, तिलक राज, सोहन सिंह, पवन कुमार, राजेश कुमार, दीप कुमार, सुनील कुमार, बिहारी लाल, प्रकाश चंद, कृष्ण, राजकुमार, हेमराज, हंसराज, जगदेव, चमारू राम, मेजर सिंह, मेहर सिंह, पृथी पाल, दमोदर सिंह, सहित कई लोगों का कहना है कि विभाग और सरकार को ऐसे कोई वादे नहीं करने चाहिए, जो पूरे न हो सकें। लोगों ने विभाग व सरकार से मांग की है कि शीघ्र योजना को अमलीजामा पहनाया जाए। उधर, अधिशासी अभियंता मुकेश हीरा ने कहा कि योजना का टेंडर हुआ था, लेकिन ठेकेदार काम पूरा करने में असफल रहे हैं। ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
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