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महिलाओं को कानूनी मदद के लिए कोई आय सीमा नहीं : नेहा शर्मा
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:05 PM IST
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में उपमंडल जोगिंद्रनगर की ग्राम पंचायत त्रैंबली के प्रांगण में रविवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उपमंडल विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं सिविल जज जोगिंद्रनगर नेहा शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समाज के ऐसे जरूरतमंद लोग जिनकी सालाना आय एक लाख से कम हो तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, मजदूर, विचाराधीन कैदी तथा मानसिक रूप से पीड़ित व्यक्तियों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए उन्हें सादे कागज पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या उपमंडल स्तरीय विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन करना होता है। महिलाओं को प्राधिकरण से नि:शुल्क सहायता प्राप्त करने के लिए कोई आय सीमा नहीं है। सभी वर्ग की महिलाएं इस सहायता का लाभ उठा सकती हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वह अपने परिवार के छोटे छोटे मामलों को घर पर बुजुर्गों की सलाह से या पंचायत स्तर पर सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाएं। इससे परिवारों में भाईचारा बना रहता है तथा धन और समय की भी बचत होती है। उन्होंने लोगों से कहा कि शिविर से प्राप्त जानकारी को घर के अन्य सदस्यों के साथ भी साझा करें, ताकि वे भी कानूनी मदद के बारे में जागरूक हो सकें। युवाओं से कहा कि वह नशीले पदार्थों से दूर रहें । इस अवसर पर अधिवक्ता सिमी पठानिया ने घरेलू हिंसा अधिनियम, मौलिक कर्तव्य, अधिवक्ता नूतन दीक्षित ने भरण पोषण के अधिकार के बारे में लोगों को जागरूक किया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान बिट्टू राम तथा स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा 180 लोगों ने भाग लिया।
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